प्रतिष्ठित ‘श्री लीला विश्वंभर मिश्रा सम्मान’ से नवाजे गए डॉ. ललित कुमार सिंह ‘ललित’

संस्कारधानी जबलपुर में साहित्य का महाकुंभ: ‘कादम्बरी’ का गरिमामय आयोजन
संस्कारधानी जबलपुर की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था “कादम्बरी” द्वारा आयोजित विशाल साहित्यिक आयोजन एक अविस्मरणीय और गौरवपूर्ण संध्या के रूप में संपन्न हुआ। इस गरिमामय समारोह ने साहित्य के प्रति समर्पित 127 मनीषियों को एक मंच पर लाकर, साहित्य सेवा के महत्व को पुनः रेखांकित किया। सम्मानित होने वाली प्रमुख विभूतियों में ओम नीरव, अनिल गहलोत, डॉ० अवधेश कुमार चौसलिया, महेश दिवाकर आदि साहित्यकार शामिल थे।
इस पुनीत और पावन अवसर पर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश के निवासी महनीय कवि, साहित्यकार और समाजसेवी डॉ. ललित कुमार सिंह ‘ललित’ जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें पूर्णिका विधा में प्रकाशित उनके अनुपम संग्रह ‘मधुर मधुमास’ के लिए, स्व० श्री लीला विश्वंभर मिश्रा जी द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित ‘श्री लीला विश्वंभर मिश्रा सम्मान’ से विभूषित होने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह क्षण डॉ. ‘ललित’ जी के लिए अत्यंत प्रेरणादायी और चिरस्मरणीय रहा।
इस भव्य सम्मान समारोह की शोभा बढ़ाने वाले विशिष्ट अतिथियों में पूर्णिका विधा के जनक डॉ० सल्पनाथ यादव ‘प्रेम’ एडवोकेट, वरिष्ठ पूर्णिकाकार श्री कृष्ण कुमार नेमा जी, और श्री अंशुल मिश्रा जी की गरिमामयी उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
इस सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के मुख्य सूत्रधार, कादम्बरी साहित्य संस्था के ऊर्जावान अध्यक्ष प्रतिष्ठित साहित्यकार आचार्य भगवद दुबे जी और विलक्षण संचालनकर्ता राजेश पाठक “प्रवीण” जी का योगदान वंदनीय है। आचार्य भगवद दुबे जी की अदम्य साहित्यिक ऊर्जा और श्री पाठक जी का अद्भुत, ओजपूर्ण संचालन, दोनों ही प्रसंशनीय थे।
आज के इस उत्कृष्ट कार्यक्रम, त्रुटिहीन प्रबंधन और सजीव प्रसारण के लिए, मैं समस्त आयोजकों को हृदयतल से हार्दिक धन्यवाद, अभिनंदन और असीम शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। मेरी हार्दिक कामना है कि यह प्रतिष्ठित संस्था इसी प्रकार साहित्य के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करती रहे और देश-विदेश में अपना नाम रोशन करे।
*साभार : डॉ. ललित कुमार सिंह ‘ललित’।*



