
संगम छठ घाट को राजकीय दर्जा देने की मांग
औरंगाबाद (सुरेश विद्यार्थी),सदर प्रखंड स्थित जम्होर थानांतर्गत मोक्षदायिनी पुनपुन एवं पुन्यदायिनी बटाने के संगम तट पर विष्णु धाम के प्रांगण में सनातनी परंपरा का महान पर्व छठ के मौके पर संगम घाट में भगवान सूर्य उपासना छठ व्रत के निमित सारी तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी द्वारा छठ घाट का अवलोकन किया गया अवलोकन के पश्चात पाया गया कि छठ घाट पर सामाजिक संस्था कुमार प्रिंस क्लब के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं की कोई परेशानी ना हो इसका ख्याल रखते हुए तैयारी की जा रही है। विष्णु धाम परिसर को फूलों से सजाया गया है।लाइट की भरपूर व्यवस्था की गई है।कुमार प्रिंस क्लब के सदस्य जितेंद्र कुमार गुप्ता,राम प्रसाद चौधरी, दिलावर सिंह,कुंदन कुमार सोनू सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि संगम घाट पर लगभग 20 वर्षों से इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है। सुरेश विद्यार्थी ने बताया कि पुण्यदायिनी पुनपुन का यह प्रथम संगम तट है। इस संगम तट पर बटाने नदी का प्रथम संगम होता है और पुनपुन नदी यहां से उत्तर वाहिनी होकर बहने लगती है शास्त्रों में ऐसा वर्णन है संगम के बाद उत्तर वाहिनी बहने वाली किसी नदी पर यदि छठ के मौके पर सूर्य उपासना किया जाए तो उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसी भी मान्यता है कि जिस संगम घाट पर भगवान विष्णु साक्षात विराजमान है और उस विष्णु धाम परिसर में यदि भगवान सूर्य का मंदिर हो तो वहां सूर्य उपासना करने का विशेष महत्व है शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि संगम तट पर प्रथम अर्घ्य के बाद इस तट पर यदि रात्रि विश्राम कर सुबह का भी अर्घ्य संपन्न कराया जाए तो उसका और भी महत्व बढ़ जाता है।औरंगाबाद सूर्य उपासना का जिला है।देव एवं दोमुहान के बाद सर्वाधिक भीड़ इसी संगम घाट पर होती है। आयोजन समिति के सदस्यों ने संगम घाट को राजकीय मेला का दर्जा देने की मांग की।





