कैसे हैदराबाद के एक डॉक्टर ने ‘जैव-आतंकवादी साजिश’ को अंजाम देने की योजना बनाई
डॉक्टर और दो सहयोगियों ने कथित तौर पर पहले ही भारत भर में कई स्थानों का सर्वेक्षण किया था और एक ऐसे जहर का उपयोग करने की योजना बनाई थी जिसका पता लगाना या इलाज करना आसान नहीं है।
जब हैदराबाद के डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैय्यद 9 नवंबर को गुजरात के गांधीनगर में एक टोल प्लाजा पर पहुंचे, तो उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि पुलिस को पहले से ही बायोहथियार-आधारित आतंकी योजना के बारे में पता था जिसका वह कथित रूप से नेतृत्व कर रहे थे।
पुलिस ने कहा कि उन्हें अहानिकर दिखने वाले अरंडी के बीजों से घातक जहर निकालने की सैय्यद की कथित योजना के बारे में एक विशेष सूचना मिली थी। उत्तर प्रदेश के डॉक्टर और दो अन्य लोगों पर अब विभिन्न स्थानों पर लोगों को जहर देने के लिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर के साथ काम करने का आरोप है।
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