बिहार के एक गोदाम में रहने वाले एक अवशेष की जान दिल्ली में हुई कार में ब्लास्ट हो गया। उनका शव जब फैक्ट्री में पहुंचा, तो पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक का नाम मोहम्मद लुकमान था, जो खगड़िया जिले में रहने वाले थे और अभी भी दुकानों में रहते थे। उनकी उम्र लगभग 60 वर्ष थी। वह दिल्ली में आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग का काम कर रहे थे और पिछले 3 साल से एक मेगा शॉप के पास की दुकान चला रहे थे।
10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के गेट नंबर-1 के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ था। इसी विस्फोट में मोहम्मद लुकमान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिवार के लोगों ने बताया कि हादसे वाले दिन वे दुकान से सामान खरीदकर लौट रहे थे। इसी दौरान वे लाल किले के पास एक स्ट्रीट फूड शॉप पर खाने-पीने के सामान के लिए रुक गए। उसी समय पास में ही एक कार में विस्फोट हुआ और वे उसकी चपेट में आ गये। वहां असली के बाद-अंजीर मच गया। परिवार वालों ने आपसे संपर्क करने की बहुत कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
विस्फोट में कई लोग घायल हो गए थे, इसलिए पुलिस और प्रशासन और मृतकों की पहचान करने में लगे थे। जब शवों की पहचान पक्की हुई तो प्रशासन ने नाखूनों को सूचना दी। दिल्ली में रहने वाले मोहम्मद लुकमान के दोनों बेटे तुरंत अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान की। शनिवार की रात उनका शव कारखाना लाया गया।
शवगृह में ही गोदाम बनाया गया। मोहम्मद लुकमान के दोनों बेटे दिल्ली में नौकरी करते हैं। परिवार यह घटना से रेस्तरां में है। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि ऐसी मशीनरी घटनाएं न हों। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की निंदा की और परिवार की प्रति संवेदना जताई।