दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सबसे बड़ी तारीख 14 नवंबर थी, जो नतीजे जारी करते हैं वही ऐतिहासिक तारीख बन जाती है। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रचंड बहुमत के बाद अब नई ऐतिहासिक तारीख 20 नवंबर है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पहली बार पटना के गांधी मैदान में भव्य तरीके से बिहार की नई सरकार का शपथ ग्रहण आयोजित किया जा रहा है। शपथ ग्रहण से एक रात पहले गृह मंत्री अमित शाह ने पटना और इसके साथ ही भाजपा के विचारों को शुभ समाचार देना शुरू किया।
सम्राट, विजय के बाद रामकृपाल का नंबर या साथ में
भाजपा नेता दल के नेता सम्राट और चौधरी उप नेता विजय सिन्हा के नाम की घोषणा आज शाम की गई। अब अमित शाह की हरी मंडली के बाद बीजेपी के बाकी नाम सामने आने लगे हैं. ईस्टर्न ईस्टर्न मेटल्स को ही दुहराने जा रहा है। कुछ नए होंगे। मुख्यमंत्री और 35 शेष गांगुली की शपथ गुरुवार को एक साथ हो जाए, इसकी संभावना कम हो गई है। इस बीच, पटना के दानापुर से राजद के बाहुबली रीत लाल राय को टक्कर देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव का नाम सामने आया है। राम कृपाल यादव के अनुभव को देखते हुए उनके बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इसके अलावा, इस बार राजद के माई प्लॉट के नुकसान के कारण भी रामकृपाल का नाम पहले ही चल गया था।