गोपालगंज जिले के सुरक्षित भोरे विधानसभा क्षेत्र से लगातार अलग-अलग बार विधायक बने सुनील कुमार को एक बार फिर बिहार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले भी वे राज्य में शिक्षा मंत्री के रूप में अपनी दुकान दे चुके हैं। वर्ष 2020 में पहली बार प्रतिबंधित होने के बाद उन्हें मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंध विभाग का भी अनुमोदन दिया गया था।
सुनील जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता हैं और भोरे (अनुसूचित जाति) सीट से कुमार का प्रतिनिधित्व करते हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक तेज-तर्रार और ईमानदार अपराधी अधिकारी के रूप में पहचाने गए थे। वर्ष 2020 में पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होकर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और पहली बार विधानसभा तक पहुंचे और सफल रहे।
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इस बार 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 16,163 के विधानसभा चुनाव में भाग लिया। दूसरी बार जीत ने अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत किया है।
मंत्री पद के दौरान सुनील कुमार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में तेजी से भर्ती और शिक्षा की दिशा में संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए कई महत्वपूर्ण शुरूआत की। अब मंत्री पद की नई जिम्मेदारी बैठक के बाद सरकारी राज्य सरकार में प्रयोगशाला और सुधारों को गति देने की उम्मीद की जा रही है।