मोतिहारी के चकिया थाना क्षेत्र और आदापुर थाना क्षेत्र में आज सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कई अभिलेखों की जांच की। चकिया थाना के कोयला बेलवा गांव और आदापुर थाना क्षेत्र के अरड़ा गांव में केंद्रीय एजेंसी की टीम ने जांच अभियान चलाया। करीब दो से तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान चकिया के शिक्षक मनोज पाठक के घर और आदापुर क्षेत्र के रूडल किसान और बद्री साहूकार के घर में ताला लग गया। एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ सुबह-सुबह ही दोनों जगह निरीक्षण करती थी। टीम के सदस्य, परिवार के सभी सदस्यों को बाहर से एक-एक करके उनकी गहन जांच कर रहे हैं।
फ़ोकस से दोस्ती का मामला
वस्तुस्थिति के दौरान एनआईए ने मनोज पाठक के मित्र धीरज तिवारी को हिरासत में लिया है। टीम ने उनके कई दस्तावेज और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। सभी यात्रियों को एक काले बैग में सील कर स्टेशन ले जाया गया है, जहां पूछताछ की जा रही है। केस फ़्रैंचाइज़ी और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ से स्टॉक किया जा रहा है।
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धीरज ने कुवैत में काम किया था
मिली जानकारी के अनुसार धैर्य तिवारी कुवैत में बंधक के रूप में काम करते थे और उन्होंने नेपाल की नागरिकता लेने के साथ भारत में भी फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज खरीदे थे। उनकी पत्नी की मृत्यु 2018 में हो गई है, लेकिन उनके बैंक खाते अभी भी सक्रिय हैं और उन पर करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। पत्नी की मौत के बाद धीरज ने अपनी साली से शादी कर ली थी। विदेश से आने पर वह अक्सर अपने पशु कोयला बेलवा में ही रहता था। इसी कारण से राक्षस ने अपना आदापुर स्थित घर और कृमि कोयला बेलवा दोनों स्थानों पर अवशेषों की स्थापना की। लैपटॉप के अनुसार, धीरज तिवारी की पूरे मामले में बड़ी सांता मन जा रही है।