18वीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। आज गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने अभिभाषण दिया। उन्होंने बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से चिन्हित किया। हालाँकि, अभिभाषण की शुरुआत ही कुछ देर के लिए साउंड सिस्टम में हुई थी। इस कारण किसी को उनकी आवाज ठीक से नहीं दिख रही थी। इसके बाद टेक्निकल टीम ने इसे ठीक कर दिया। गवर्नर ने नई सरकार की आगामी योजना और विभागों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के संयुक्त प्रतिष्ठान में आप सभी का स्वागत करता हूं और शुभकामनाएं देता हूं। मैं राज्य की खुशहाली एवं बहुबहु विकास की कामना करता हूं। साथ ही मैं विधानसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को भी बधाई देता हूं। मेरा विश्वास है कि नव साझीदार बिहार विधान सभा का गठन बिहार को विकसित करने और जन-जन तक खुशहाली लाने में अपनी भागीदारी निभाएगा।
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गवर्नर ने आगे कहा कि अभी हमारे यहां मेक्सिको, इंडिपेंडेंट और लीडर्स का चुनाव होना है। राज्य की जनता ने विकास के दावे को स्वीकार करते हुए सरकार को व्यापक समर्थन दिया है। इस चुनाव में बिहार के लोगों ने रिवाइवल महिलाओं ने मतदान किया है। मैं इस डेमोक्रेटिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सभी पोर्टफोलियो को बधाई देता हूं और इस प्रक्रिया को डेमोक्रेटिक प्रक्रिया में शामिल करने के लिए भारत के सभी इलेक्ट्रोनिक आयोग और इलेक्ट्रोरेटर में शामिल सभी पोर्टफोलियो को भी बधाई देता हूं। राज्य के सभी स्कूलों में विकास के प्रति महिलाओं और किशोरों में विशेष जागरूकता दिखाई दे रही है। सरकार द्वारा राज्य के विकास कार्यों के लिए आप सभी का सहयोग आवश्यक है। राज्य सरकार आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार के लिए आवेदन करेगी।
द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया गया
इधर, राज्यपाल के अभिभाषण से पहले सरकारी वित्तीय वर्ष 2025-26 का दूसरा अनुपूरक बजट भी पेश किया गया। वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि इस अनुपूरक बजट में कुल 91,717.1135 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च का अनुमान लगाया गया है. कुल 91,717.11 करोड़ रुपये के इस अनुपूरक बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला रोजगार, प्रिया, सड़क, ऊर्जा, पेंशन, सीना, तीन क्रेडिट कार्ड, मेट्रो रेल और अन्य सामाजिक कल्याण पदों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह परियोजना राज्य के विकास मंडल और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम को गति प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
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अनंत सिंह और अमरेंद्र पांडे ने नहीं ली शपथ
इधर, दूसरे दिन भाजपा के वरिष्ठ नेता डाॅ. प्रेम कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए आसान बैठक की। पहले दिन ले लिए थे चार स्टेलश ने भी शपथ ले ली। वफ़ाली अनंत सिंह और अमरेंद्र पांडे शपथ लेने के लिए वापस नहीं पहुँचे। अनंत सिंह जेल में हैं और अमरेंद्र पांडे अपने ग्राहकों का इलाज करवा रहे हैं। इधर, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष का पद भाजपा के पास जाने के बाद उपाध्यक्ष पद का पता चल गया है। आज जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और प्रोटेम सांसद नरेंद्र नारायण यादव को पद उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकित किया गया है। उनके अलावा किसी और को इस पद के लिए नामांकित नहीं किया गया है क्योंकि उनका निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना जाना तय है। हालाँकि नरेंद्र नारायण यादव पहले भी उपाध्यक्ष थे।