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उन्मुक्त उड़ान मंच पर महाशिवरात्रि का महाआयोजन सम्पन्न

महाशिवरात्रि का महाआयोजन उन्मुक्त उड़ान मंच पर

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उन्मुक्त उड़ान मंच द्वारा एक भव्य साहित्यिक आयोजन संपन्न किया गया, जिसमें देश-विदेश से जुड़े 66 रचनाकारों ने उत्साहपूर्वक अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। दोहे, छंदमुक्त कविता, मुक्तक एवं विविध काव्य विधाओं में प्रत्येक रचनाकार ने चार पंक्तियों के माध्यम से भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति अर्पित की।

मंच की अध्यक्षा व संस्थापिका डा० दवीना अमर ठकराल “देविका”ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा—
“महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्म-जागरण की रात्रि है। यह वह क्षण है जब साधक अपने भीतर के अंधकार को पहचानकर उसे शिवत्व की ज्योति से आलोकित करने का संकल्प लेता है। इस पावन रात्रि में व्रत, उपवास और रुद्राभिषेक के माध्यम से हम केवल अनुष्ठान नहीं करते, बल्कि अपने मन, वाणी और कर्म को पवित्र करने का प्रयास करते हैं। ‘शिव’ का अर्थ है — कल्याण। अतः महाशिवरात्रि हमें स्मरण कराती है कि जीवन की विषमताओं को नीलकंठ की भाँति धारण कर, धैर्य और करुणा से आगे बढ़ना ही सच्ची साधना है।”

इस आयोजन में अंजू श्रीवास्तव, संजीव कुमार भटनागर ‘सजग’, आशा बुटोला ‘सुप्रसन्ना’, विशेष शर्मा ‘सुहासिनी’, डा० अनीता राजपाल ‘अनु वसुंधरा’, डॉ स्वर्ण लता ‘सोन कोकिला’, अनिल जैन, नृपेंद्र कुमार चतुर्वेदी, एकता गुप्ता ‘काव्या महक’, मौजीलाल चौधरी, नीरु बंसल, संगीता सूर्यप्रकाश मुरसेनिया, मीनाक्षी चावला ‘मीनु’, सुनीता तिवारी ‘सरस’, नीरजा शर्मा ‘अवनि’, निशा कौल शर्मा ‘चंद्रिका’, वीना टंडन ‘पुष्करा’, सुमन किमोठी ‘वसुधा’, संगीता चमोली ‘इंदुजा’, सतीश देवांगन, सतीश कुमार भट्ट, सुरेश चंद्र जोशी ‘सहयोगी’, किरण भाटिया ‘नलिनी’, अनु तोमर ‘अग्रजा’, डा० साक्षी जैन, अनु भाटिया ‘हंसिनी’, मंजुला सिन्हा ‘मेघा’, गीता कुमारी ‘गायत्री’, ज्योति वर्णवाल, डा० गजेंद्र स्वरूप शर्मा, वैशाली रस्तोगी, अमिता गुप्ता ‘नव्या सुरभि’, देवेश्वरी खंडूरी, रंजना बिनानी ‘काव्या’, सुरेश कुमार ‘गौरव’, अलका गर्ग, विवेक शर्मा, कांति बल्लभ जोशी ‘सद्गुरु’, संदीप खेरा, सुरेंद्र कुमार बिंदल, सरोज डिमरी, वंदना भंसाली, ब्रह्माणी ‘वीणा’, संतोषी किमोठी ‘वशिष्ठ’, डा० सत्यप्रभा शर्मा, चंद्र भूषण ‘निर्भय’, माधुरी शुक्ला, डा० अर्चना तिवारी, बंदना मिश्रा, राजेश शर्मा, प्रजापति श्योनाथ सिंह शिव, माधुरी श्रीवास्तव, अशोक दोशी ‘दिवाकर’, कुसुम लता ‘तरुषि’, उदय सिंह ‘कुशवाहा’, सोनी बरनवाल ‘कशिश’, सुनील माधव, एन. एल. शर्मा, मनोरंजन मिश्रा, अरुण ठाकर ‘कवित्त’, डा० वंदना खंडूरी, गीता राम शर्मा, सुनील कुमार, डा० फूलचंद्र विश्वकर्मा ‘भास्कर’, परमा दत्त झा एवं नीतू रवि गर्ग ‘कमलिनी’ सहित अनेक साहित्यकारों ने सहभागिता कर अपने आराध्य भगवान शिव का वंदन-अर्चन किया।

सभी रचनाकारों की रचनाओं को सुंदर, मनोहारी एवं अनुपम पोस्टरों के माध्यम से मंच पर साझा किया गया, जिससे सृजनकर्ताओं में नव उत्साह एवं ऊर्जा का संचार हुआ।

यह आयोजन न केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति का उत्सव रहा, बल्कि शिवत्व के संदेश—कल्याण, धैर्य, करुणा और आत्मशुद्धि—को आत्मसात करने का सामूहिक संकल्प भी बना।

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