बारुण में ‘प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के स्टॉल पर उमड़ी भारी भीड़

औरंगाबाद 14/3/26। बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘प्रशासन आपके द्वार’ के तहत शनिवार को बारुण प्रखंड बडी खुर्द पंचायत भवन में एक विशाल जन-शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन शिक्षा विभाग का स्टॉल अपनी विशेष प्रस्तुतियों और नवाचारों के कारण पूरे दिन आकर्षण का केंद्र बना रहा।मुख्य अतिथि ने किया स्टॉल का निरीक्षण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह ने शिक्षा विभाग के स्टॉल का क्रमशः निरीक्षण किया। उन्होंने विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके साथ डीपीओ (समग्र शिक्षा अभियान) अमृतेश आर्यन भी मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त किया।समावेशी शिक्षा और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन
समावेशी शिक्षा के प्रखंड साधन सेवी (BRP) लाल बहादुर ने स्टॉल पर आए अभिभावकों को ‘विशेष आवश्यकता वाले बच्चों’ के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम करना ही इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है। स्टॉल पर विशेष बच्चों के लिए ऑडियोमीटर (श्रवण परीक्षण यंत्र)टेक्टाइल लर्निंग मैटेरियल (छूकर सीखने वाली सामग्री)
अबेकस और विशेष शैक्षिक मॉडल का प्रदर्शन किया गया। डीपीओ अमृतेश आर्यन ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि शारीरिक या मानसिक चुनौतियों का सामना कर रहे बच्चे भी सामान्य बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ें।विज्ञान और रचनात्मकता का संगम ,सामान्य बच्चों के लिए बनाए गए केमिस्ट्री प्रोजेक्ट्स और खेल-खेल में शिक्षा से संबंधित सामग्रियां ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और स्कूली बच्चों को काफी आकर्षित कर रही थीं। टीम के सदस्यों ने मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें छात्रवृत्ति, साइकिल योजना एवं पोशाक राशि जैसी योजनाओं से अवगत कराया।इस सफल आयोजन में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी गंगाधर महतो, सर्वेश कुमार सिंह, बिहार शिक्षा परियोजना , प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, विकास कुमार, लेखापाल कुश कुमार, संसाधन शिक्षक श्याम बाबू, प्रतीक कुमार और पीयूष कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्टॉल को ज्ञानवर्धक बनाने में देवेंद्र कुमार सिंह, क्षमा कुमारी, पूजा कुमारी और सोनल कुमारी जैसे शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। वहीं, समग्र शिक्षा औरंगाबाद की टीम (धर्मेंद्र सिंह, अनिल कुमार, पंकज कुमार आदि) ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना पसीना बहाया।स्थानीय ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के इस संवेदनात्मक और सूचनात्मक प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की।




