
मुंबई, जोगेश्वरी (पूर्व) में 26/06/2026 की शाम अलका पाण्डेय जी के संयोजन में एवं अग्निशिखा मंच के तत्त्वावधान में प्रसिद्ध कवि, कथा, पटकथा, संवाद लेखक एवं नाटककार डॉ नरेश कात्यायन जी के सम्मान में गरिमापूर्ण आयोजन हुआ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. दयानंद तिवारी जी, मुख्य अतिथि रहे प्रसिद्ध साहित्यकार पवन तिवारी जी! विशेष अतिथि रही एन एम महाविद्यालय की हिंदी विभागध्यक्ष डॉ. ममता झा जी । कार्यक्रम का गरिमा पूर्ण संचालन किया कवयित्री पल्लवी रानी जी ने। सम्मान मूर्ति डॉ. नरेश कात्यायन का संस्था अध्यक्ष अलका पांडेय एवं मंचासीन अतिथियों ने पुष्पहार शाल, श्रीफल, एवं अग्निशिखा का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
ज्ञात हो की डॉ. नरेश कात्यायन एक प्रसिद्ध कवि, मंच संचालक एवं लेखक हैं। इस दिनों उनके तीन नाटक विश्व भर में मंचित हो रहे हैं, जिनमें ‘हमारे राम’ जिसमें मुख्य भूमिका प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा निभा रहे हैं, वहीं मेरे कृष्ण में मुख्य भूमिका प्रसिद्ध अभिनेता सौरभ जैन निभा रहे हैं। महाभारत में पुनीत इस्सर जी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। एक ओर जहाँ नरेश भइया के नाटकों की धूम है, वहीं उनका फ़िल्म और धारावाहिक लेखन भी चल रहा है। रामानंद सागर प्रोडक्शन से उनका आदिश्वर शिव नामक धारावाहिक आने वाला है।
इस अवसर पर अनेक प्रतिष्ठित रचनाकारों के अपने विचार रखे एवं कविता पाठ किया। जिनमें सर्वश्री नंदलाल क्षितिज जी, ओमप्रकाश तिवारी जी, रमाकांत ओझा लहरी जी, दिव्या जैन जी, सत्यवती मौर्य जी, कविता झा जी, मृदुला मिश्र जी, रानी अग्रवाल जी, अरुण दुबे जी, राकेश मणि त्रिपाठी जी, मृदुल प्रभा जी, उमेश पाण्डेय
विकास यादव,आदर्श अक्षर जी,आयुष शुक्ला ,कीर्ति शुक्ला,अदिति शुक्ला,ब्रजेश सिंह, जैसे गणमान्य लोग प्रमुख थे। इस अवसर पर सम्मान मूर्ति डॉ. नरेश कात्यायन ने अपनी प्रसिद्ध कृति महात्मा जटायु के कुछ छंद सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। राष्ट्रकवि की उपाधि से सम्मानित डॉ. नरेश कात्यायन के बारे में मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार पवन तिवारी ने कहा कि नरेश जी के विशाल व्यक्तित्त्व का मूल तत्त्व उनकी सरलता है।रचना करते समय अपनी संस्कृति और राष्ट्र के प्रति श्रद्धा भाव उन्हें अन्य रचनाकारों से अलग करता है, मेरी दृष्टि में यही उनकी महानता का कारण है। कार्यक्रम के अंत में अलका पाण्डेय ने इस सम्मान समारोह में उपस्थित सभी रचनाकारों एवं गणमान्य व्यक्तियों का आभार प्रकट किया।





