औरंगाबाद जिले का नाम देव करने के प्रस्ताव का सरकार ने लिया संज्ञान

प्रस्तावित प्रदर्शन एवं घेराव कार्यक्रम किया गया स्थगित।
विहार के रोहतास, कैमूर, भोजपुर, वैशाली, नालान्दा आदि जिलों के तर्ज पर औरंगाबाद जिले का नाम देव करने हेतु 1992 से ही संघर्ष किया जा रहा है । इसी क्रम में 3 जुलाई को प्रदर्शन और जिला पदाधिकारी कार्यालय का घेराव कर मांग पत्र समर्पित करने की योजना बनाई गयी थी । इसी दरम्यान गृह मंत्रालय भारत सरकार ने विहार सरकार से उक्त मांग के समर्थन में नियमानुकूल कारवाई करने का निर्देश दिया है । विहार सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया है जिसके लिए बैठक में विहार और केंद्र सरकार को सर्वसम्मति से धन्यवाद ज्ञापित किया । साथ ही 3 जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन एवं घेराव कार्यक्रम को तत्काल स्थगित कर दिया गया । सर्वसम्मति से शीध्रताशीध्र औरंगाबाद जिले का नाम देव करने मांग विहार और केंद्र सरकार से की । भारत सरकार परिसीमन लागू करने के समय औरंगाबाद लोकसभा को भी देव लोकसभा में बदलने का किया आग्रह l 28 जून को सहदेव चौधरी पुस्तकालय देव में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जनेश्वर विकास केंद्र के केन्द्रीय सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने किया जबकि संचालन दीपक गुप्ता ने किया। समाजसेवीयों नें कहा की भगवान भाष्कर की नगरी देव सनातन धर्म के मुख्य देवता है जहाँ छठ महापर्व करने विदेशों से सौर तीर्थ आते हैँ l इसीलिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए औरंगाबाद जिले का नाम देव होना जरुरी है l धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक में अनील कुमार सिंह, निर्मल कुमार सिंह, गंगा शर्मा, सरयु यादव, धनंजय कुमार सिंह, बलिराम चन्द्रवंशी, रत्नेश कुमार सिंह, उपेन्द्र यादव, निखिल कुमार सिंह आदि मौजूद थे।



