अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का 15 अगस्त पर काव्य सम्मेलन और सम्मान समारोह संपन्न

अखिल भारतीय अग्नि शिखा मंच एक सामाजिक सांस्कृतिक साहित्यिक मंच है जो विगत 32 वर्षों से सामाजिक और साहित्य कार्यक्रम करता आ रहा है इसी कड़ी को आगे बढ़ते हुए 15 अगस्त के उपलक्ष में एक ऑनलाइन कवि सम्मेलन रखा गया जिसमें करीब करीब 20 कवियों ने शिरकत की इस कवि सम्मेलन के अध्यक्षता राम राय और मुख्य अतिथि डॉक्टर कुंवर वीर सिंह मार्तण्ड विशिष्ट अतिथि के रूप में थे संतोष साहू, जनार्दन सिंह, शिवपूजन पांडे, पन्नालाल शर्मा , मंच का संचालन मंच की अध्यक्ष डॉ अलका पांडे और सुरेंद्र हरडे ने किया सरस्वती वंदना अश्विन पांडेय ने की आभार प्रदर्शन मंच अध्यक्ष अलका पांडेय के द्वारा हुआ कार्यक्रम में राम राय जी और कुंवर वीर सिंह जी ने अपने वक्तव्य में 15 अगस्त के ऊपर प्रकाश डाला और सुंदर रचनाएं सुनाई कार्यक्रम में अपनी सवरचित रचना सुनाने वाले कवि थे ओम प्रकाश पांडे ,नीरजा ठाकुर, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, रवि शंकर कोलते ,सुरेंद्र हरड़े, रानी अग्रवाल सीमा त्रिवेदी डॉ सुरेंद्र प्रसाद गाई,शोभारानी तिवारी, पुष्पा गुप्ता, डा महताब अहमद आजाद,
कवियों की रचनाएं इस प्रकार है
*भारत की शान तिरंगा*
भारत वासियों की शान है तिरंगा ।
त्याग और बलिदान का
गान तिरंगा ।
माँ भारती की आन बान शान तिरंगा ।
शांति ,सोहाद्र , प्रेम का देता संदेशा तिरंगा ।
रंग केसरीया शक्ति , साहस का देता संदेशा ।
श्वेत रंग शांति अमन और सत्य का दे रहा संदेशा ।।
हरा रंग पवित्रता उर्वरता और
वृद्धि का दे पैगाम ।
नीला चक्र धर्म न्याय का प्रतिक गतिशीलता का दे संदेशा।।
आज हम सब तिरंगे की छांव में आजादी मना रहे हैं ।
नमन उन शहीदों का जिन्होंने आजादी दिलाई है ।।
श्रद्धा सुमन उन्हें अर्पित कर रहे हम हैं ।
तिरंगा बलिदानियों की शोर गाथा कहता है।।
भारत मां के सच्चे सपूत देश के खातिर बलिदान हुए है।
स्वाभिमान से शौर्य की शान में मस्तक झुका है।।
भारत मां के प्रताप का फल तिरंगा लहरा रहा।
मां के प्यार में वीरो ने कुर्बान की अपनी जान है।।
अलका पान्डेय मुम्बई ।
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस।
15 अगस्त का अवसर आया,
79वां स्वतंत्रता दिवस आया है।
महावीर रेनचेस के प्रांगड मे,
सबने मिल तिरंगा फहराया है।।
रामेश्वर प्रसाद गुप्ता
तिरंगा लहराता है अपनी आन बान शान से
तिरंगे की शान ना जाने देंगे हम जायेंगे जान से
सबसे प्यारी है हमको आज़ादी हमारी
बढ़ी मुश्किल से पाई है हमने आज़ादी हमारी
नीरजा ठाकुर नीर
पलावा मुंबई महाराष्ट्र
प्यारा है मेरा वतन
ऐसा प्यारा है मेरा वतन
सब से न्यारा है मेरा वतन
जिसने भी ली है शरण
उसकी मिट जाती तपन।।
सुरेंद्र हरड़े (नागपुर)
पंद्रह अगस्त है हमारा स्वतंत्रता दिवस,
अबतक बीते दिनों में ,
सर्वोत्तम दिवस।
तोड़ी गुलामी की,
बेड़ी हथकड़ी,
अंग्रेजों की निकाल दी,
साडी हेकड़ी।
रानी अग्रवाल।
दिया था शून्य दुनिया को ,
अब चंद्रयान देता हूँ
मैं कृष्ण औ राम का वंशज ,
नव हिंदुस्तान देता हूँ।
-सीमा त्रिवेदी (नवी मुंबई)
हे वीर सपूतों तेरे ही कारण
आजाद है वतन
भारत माँ के रणबाँकुरे
शत – शत तुम्हें नमन 🙏
डॉ पुष्पा गुप्ता
लीचीपुरम – मुजफ्फरपुर
बिहार
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