करवा चौथ के पावन अवसर पर ‘मातृका विवेक’ का साहित्यिक-सांस्कृतिक संगम कार्यक्रम संपन्न

निर्देशिका आरती तिवारी और अध्यक्ष प्रीति दुबे की दूरदर्शिता में सफल आयोजन; देश भर के कवियों ने साझा किए भावांजलि।
मातृका विवेक’ साहित्यिक मंच, दिल्ली के तत्वावधान में करवा चौथ के शुभ अवसर पर एक भव्य काव्य पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुति और काव्य लेखन प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के इस महत्वपूर्ण पर्व को साहित्य और कला के माध्यम से मनाने का एक सराहनीय प्रयास था।
कार्यक्रम की गरिमामयी अध्यक्षता प्रीति दुबे ने की, जबकि संपूर्ण आयोजन का कुशल निर्देशन आरती तिवारी के द्वारा किया गया। दोनों के संयुक्त नेतृत्व में कार्यक्रम ने नई ऊँचाइयों को छुआ।
देशभर से जुटे साहित्यकारों और कवियों ने करवा चौथ के पारंपरिक, भावनात्मक और सामाजिक महत्व को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया। श्रोताओं ने भी कवियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित और प्रस्तुति देने वाले प्रमुख साहित्यकार एवं कवि:इस साहित्यिक संगम में अपनी रचनाओं से समां बाँधने वाले प्रतिष्ठित कवियों में चंद्रप्रकाश गुप्त ‘चंद्र’, सूबेदार कृष्णदेव प्रसाद सिंह, शशिलता पाण्डेय’ सुभाषिनी’, भास्कर सिंह ‘माणिक’ कोंच, सौ. कल्पना सेठी ‘कला’, डॉ. छगनराज राव, दर्शना सुभाष पाहवा, लता शर्मा ‘तृषा’, डॉ. नवनीता दुबे ‘नूपुर’, डॉ. कलावती कर्वा “षोडशकला”, श्रीराम राय ‘कवि स्पर्श’, डॉ. काजल बालियान और श्री कृष्ण कुमार शर्मा प्रमुख थे।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन, बदलते समय में भी भारतीय संस्कृति और मूल्यों को संजोए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जहाँ सभी उपस्थित साहित्यकारों, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।



