
पर्यावरण :
पर्यावरण के लिए सोलर सिस्टम का उपयोग करना होगा,आजकल पर्यावरण की कमी की वजह से कलाइमेंट चेंज हो रहा हे ,इलेट्रिसिटी बचनी होगी ,सोलर और वाइन्ड एरक्राफ्ट डेव्लपमेंट करना होगा। भारत सरकार की एकसनप्लान क्लाइमेंट चेंज संस्था कार्यरत हे।एनर्जी स्टोरेज सिस्टम मे वाइण्ड एनर्जी सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना होगा।इलेटरिकल वाहनो का उपयोग जरूरी है ।आज भी आर टी बसो मे इलेक्ट्रिकल एनर्जी का उपयोग हो रहा हे। गुजरात के अहमदाबाद मे नारणपुरा मे इलेक्ट्रिकल चार्जिंग स्टेशन कार्यरत हे। अशोक लेलेंड कंपनी का चार्जिंग स्टेशन अहमदाबाद मे रानीप मे स्थित है ।
सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट जरूरी हे।सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट 1979 मे अमली बना है । सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट 2016 से ज्यादा सक्रिय हुआ है ।महा नगरो मे मुनिसिपल कोरपोरेसन सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट कार्य करता है । कमोजिंग एंड डिस्पोजिंग कार्य होता है । बायो सब प्लांट 305 टी पी मे है ।
पर्यावरण के लिए हम कुछ एसा करे की काल चक्र बदलते बदलते धरती महके ,अंबर नीला हो जाए और महकने लगे। विदेश मे पर्यावरण की स्थिति केसी हे इसका वर्णन करना चाहते हैं । निदरलेंड मे वैज्ञानिक मोडेल पार्क बनाया गया है । वह देखने लायक है । निदरलेंड मे वैज्ञानिक प्रकृति का मोडेल है ।तथापि उसे प्रकृति के साथ समयोचित किया गया है । मदुरोड़न याने की निदरलेंड की समग्र वैज्ञानिक प्रगति और विकाश का मोडेल है । यह इतना खूब सूरत बना है की इसके सौन्दर्य के लिए शब्द भी अपना अर्थ खो देते हैं । मंडूरोहन पार्क मे झरने, भव्य भवन ,उध्यान क्या कुछ नहीं हे ?इस मोडेल पार्क मे । इसे देखना अद्भुत एवं रोमांचकारी एवं विस्मयकारी है ।
निदरलेंड को होलेण्ड के नाम से जाना जाता है । हेग मे कई दर्शनीय स्थल है । सुंदर उद्यान अभिन्न प्रतिबद्ध है ।
जर्मनी का म्यूनिक शहर प्रकृति के सानीध्य मे बसा है , सारे शहर मे एक ही शैली –शिल्प के प्रदूषण रहित अद्भुत बने हैं । प्रकृति और विज्ञान का समन्वय दर्शनीय है । म्यूनिक उपवनो का शहर कहा जाता है । सुंदर एवं स्वच्छ पार्क मन मोहक है । म्यूनिक जर्मनी का तीसरा सबसे बड़ा और सुंदर महा नगर है. यह ईसार नदी के किनारे बसा है ।
स्वरोवस्की क्रिस्टल वर्ल्ड फेकटरी और म्यूजियम का निर्माण सन 1997 मे ऑस्ट्रिया ने किया था,इस म्यूजियम के प्रवेश द्वार पर अत्यंत खूब सूरत वसंत है । इसका मानव निर्मित प्रकृतिक सौन्दर्य है । क्रिस्टल गुंबज का सौन्दर्य अत्यंत निराला है । इसमे ईडन बाग है । यह जानकारी रखने का एक ही मकसद हे की आप सभी इसे जानकार खुश हो,और एसा प्रकृतिक सौन्दर्य निर्माण की ओर आगे बढ़े,एसी आशा के साथ यह वर्णन यहा रखने का प्रयास किया गया है । आप को जानकारी देने हेतु और पर्यावरण के लिए आप सक्रिय बने इस हेतु इसका वर्णन किया गया है । स्वरोवस्की क्रिस्टल वर्ल्ड फैक्टरी के परिसर मे प्रकृति और विज्ञान दौनों का सुंदर समन्वय है । सुंदर पार्क झरने पुष्प लताये और हरी घास मन को मोह लेती है ।
इन्स बुक शहर औस्ट्रियाका सबसे बड़ा पांचवा शहर है । यह अल्पाइन पर्वतीय शृंखला ओकी गोद मे बसा अत्यंत सुंदर शहर है ।
विएना से सल्यावर्ग का सड़क मार्ग बहुत ही सुंदर बना हे,यह सिक्सलेन मार्ग सड़क की दौनों ओर हरित वृक्षालय वाला है । पूरा मार्ग हरितमा से सजा है ।
स्वरोवस्की क्रिस्टल वर्ल्ड फैक्टरी के परिसर मे प्रकृति और विज्ञान दौनों का सुंदर समन्वय है । सुंदर पार्क झरने पुष्प लताये और हरी घास मन को मोह लेती है ।
इन्स बुक शहर औस्ट्रियाका सबसे बड़ा पांचवा शहर है । यह अल्पाइन पर्वतीय शृंखला ओकी गोद मे बसा अत्यंत सुंदर शहर है ।
विएना से सल्यावर्ग का सड़क मार्ग बहुत ही सुंदर बना है ,यह सिक्सलेन मार्ग सड़क की दौनों ओर हरित वृक्षालय वाला है । पूरा मार्ग हरितमा से सजा है ।
आप संख्या रख रखाव हमे भावविभोर कर देता है ।
ग्लोबल वोर्मिंग के कारण आज क्लायमेंट चेंज हो रहा है. पर्यावरण को बचाने से ग्लोबल वोरमिंग का असर कम होगा।पर्यावरण के लिए बच्चो मे जागरूकता के लिए श्री राजकुमार जैन राजन ने पेड़ लागाओ काव्य संग्रह पब्लिश किया है ।
5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस महात्मा गांधी मंदिर गाँधी नगर मे मनाया जा रहा है । पर्यावरण के सरक्षण हेतु एवम जागरूकता लाने हेतू ऑन लाइन प्रश्नोतरी का आयोजन वेबिनार के जरिये हो रहा है .
और सुंदर महा नगर है , यह ईसार नदी के किनारे बसा है ।
स्वरोवस्की क्रिस्टल वर्ल्ड फेकटरी और म्यूजियम का निर्माण सान 1997 मे ऑस्ट्रिया ने किया था,इस म्यूजियम के प्रवेश द्वार पर अत्यंत खूब सूरत वसंत है । इसका मानव निर्मित प्रकृतिक सौन्दर्य है । क्रिस्टल गुंबज का सौन्दर्य अत्यंत निराला है । इसमे ईडन बाग है । यह जानकारी रखने का एक ही मकसद हे की आप सभी इसे जानकार खुश हो,और एसा प्रकृतिक सौन्दर्य निर्माण की ओर आगे बढ़े,एसी आशा के साथ यह वर्णन यहा रखने का प्रयास किया गया है ।
आप को जानकारी देने हेतु और पर्यावरण के लिए आप सक्रिय बने इस हेतु इसका वर्णन किया गया हे। स्वरोवस्की क्रिस्टल वर्ल्ड फैक्टरी के परिसर मे प्रकृति और विज्ञान दौनों का सुंदर समन्वय हे। सुंदर पार्क झरने पुष्प लताये और हरी घास मन को मोह लेती है ।
इन्स बुक शहर औस्ट्रियाका सबसे बड़ा पांचवा शहर है । यह अल्पाइन पर्वतीय शृंखला ओकी गोद मे बसा अत्यंत सुंदर शहर है ।
विएना से सल्यावर्ग का सड़क मार्ग बहुत ही सुंदर बना है ,यह सिक्सलेन मार्ग सड़क की दौनों ओर हरित वृक्षालय वाला है । पूरा मार्ग हरितमा से सजा है ।
आप संख्या रख रखाव हमे भावविभोर कर देता है ।
ग्लोबल वोर्मिंग के कारण आज क्लायमेंट चेंज हो रहा है. पर्यावरण को बचाने से ग्लोबल वार्मिंग का असर कम होगा।
5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है । पर्यावरण के सरक्षण हेतु एवम जागरूकता लाने हेतू ऑन लाइन प्रश्नोतरी का आयोजन वेबिनार के जरिये हो रहा हे.
छत मे सूर्य चन्द्र तारे मनुष्य के लिए प्रकृति से अच्छा गुरु कोई ओर नहीं हो सकता है ।
सदियो से मानवf और प्रकृति का संबंध जुड़ा हुआ हे। प्रकृति के सौन्दर्य से मुग्ध होते कई कविता लिखते हैं । मानव अपना भाव अभियक्त करने के लिए प्रकृति की ओर देखता है । और उसकी सौंदर्य मयी बलवती जिज्ञासा प्रकृति सौन्दर्य से विमुक्त होकर प्रकृति मे भी सदत सत्ता का अनुभव करने लगता हे। प्रकृति की रक्षा मानव की सुरक्षा हे। आज प्रकृति पर खतरा मंडा रहा है । जो हमारी रक्षा करती आई हे। आज फेकटरी के धुए से वायु दूषित होता हे। तालाबो को बंद कर के बड़े बड़े शॉपिंग मोल बन रहे हे। जंगल काटकर प्रकृति के जीवन को नष्ट कर रहे हे।
शायद हम भूल गए हे की पृथ्वी ही हमारी सब कुछ हे। यदि पृथ्वी ,प्रकृति ,वायु नदी ओ से धरती पर बह रहने वाले अरबों लोग मर सकते हे। जिस तरह माँ की गोद मे बच्चा सुरक्षित हे। प्रकृति की रक्षा करना मानव धर्म हे किन्तु आज हरकोईइंसान प्रकृति का नाश करने पर तुला हे। प्रकृति और मानव के बिचमे सदियो से घनिष्ठ संबंध रहा हे। प्रकृति की रक्षा करना ही हमारा धर्मा एवं दायित्व हे। आसपास का पर्यावरण जितना स्वच्छ होगा ,तन मन की शांति मे उतना ही वे सहायक होगा । सृष्टि का आदर करना ईश्वर का आदर करना बराबर हे। प्रकृति के लिए आज स्थिति दूसरी बन गई हे। हमने प्रकृति का इतना द्रोहन कर दिया हे की इसने अपना मैत्री भाव छोड़ दिया है । बढ़ता प्रकृति दोहन से आज उसने अपना मैत्री भाव त्याग दिया हे। राजस्थान के प्रसिद्ध साहित्यकार राजकुमार जैन राजन जी ने ‘ पेड़ लगाओ ‘ काव्य संग्रह प्रकाशित किया हे। बच्चो और बड़ो को प्रकृति प्रेम,पर्यावरण सरक्षण की सीख देते हुए उन्हे जागरूक करने के लिए प्रयास किया गया हे। इस काव्य संग्रह मे जीव जन्तु ,पेड़ पौंधे ,नदी नाले, पशु पक्षियो ,मेले-त्योहारो से जुडने वाली कविताओ के माध्यम से वर्तमान परिवेश मे उनको जोड़ने का प्रयास किया गया हे।
मनुष्य का जन्म प्रकृति के गर्भ से हुआ हे,प्रकृति जिसने मनुष्य को सब कुछ दिया हे, खाने के लिए अन्न,पीने के लिए स्वच्छ जल,सांस लेने के लिए स्वच्छ शीतल वायु ,पावन धरती पर रहने के लिए सौन्दर्य जो आंखो को भा पाए ,शांति सब कुछ दिया जो मनुष्य को चाहिए था।
किन्तु मनुष्य एक ईएसए स्वार्थी हे जो उसकी परवाह नहीं कर रहा हे। गुजरात मे प्रकृति उध्यान हे। एक भजन मे नींबू के वृक्ष के माध्यम से उसका महत्व संजाया गया हे। नींबू झूले तेरे बाग मे,कृष्ण को नींबू के माध्यम से लालच देकर उसे उस नींबू के बाग मे भजन के द्वारा बुलाया जा रहा हे।कृष्ण को नींबू के वृक्ष की डाली पर बंधे हुए झूले मे झूलनेvके लिए बुलाया जा रहा हे। प्रभु को हम उतारा देंगे ,छैल छबीले को ऊंची मेडी पर ,प्रभुजी को फूल देंगे करणका ,और भोजनमे लापसी देंगे,मुखवास मे हम एलची देंगे और पैन का बीड़ाभी साथ देंगे,प्रसाद मे,सुंदर सेज देंगे। एसे नींबू के बाग मे गोपियो द्वारा कृष्ण को न्योता दिया जाता हे,मनुष्य और प्रकृति के बीच यही संबंध हे,की मनुष्य प्रकृति का एक अंग हे। प्रकृति का हिस्सा एक दूसरे का पूरक हे। मनुष्य और प्रकृति का हर अंग इसी सिधान्त पर जुड़ा हुआ हे।
पेड़ और पौंधे हमे सांस लेने केलिए ऑक्सीज़न देते हे,यह एक उसका उदाहरण हे। मनुष्य और अन्य जीव पेड़ो के सरक्षण के लिए कार्बन दाई देते हे। प्रकृति मनुष्य का अंग हे। एक छोटा सा कीड़ा प्रकृति के लिए उपयोगी हे। जब की मत्स्यपुराण मे एक वृक्ष को सौ पुत्रो के समान हे यह बात कही गई हे,मनुष्य के जन्म के साथ ही उनका प्रकृति से अटूट नाता जुड़ जाता हे। युही कहे मानव आखिर प्रकृति के पर निर्भर हे ,ईएसए कहने मे कोई अतिशयोक्ति नहीं हे। प्रकृति के मित्रता के रिसते को समझना होगा। प्रकृति को बचना होगा।
पृथ्वी एक ईएसए ग्रह हे,जिस पर मनुष्य को जरूरत की सभी छीजे मिल जाती हे। सभी के लिए उन सभी लोग जीवन निर्वाह करते हे,यह धरती जो सबसे सुंदर ,हरियाली से भरी हुई हे,और अत्यंत आकर्षक हे। प्रकृति यह मानव को भगवान के द्वारा दिया गया एक अनमोल उफर माना गया हे। प्रकृति मनुष्य के जीवन मे सबसे अधिक महत्व पूर्ण हे। आओ प्रकृति का जतन करे ।
सन्दर्भ सूची :पर्यावरण
पर्यावरण के देश में :डॉ महेश दिवाकर
पेड़ लगाओ :राजकुमार जैन राजन
डॉ गुलाब चंद पटेल मो
कवि लेखक अनुवादक 8849794377
नशा मुक्ति अभियान प्रणेता
ब्रेस्ट कैंसर अवेरनेस प्रोग्राम आयोजक