पश्चिम कुणाल के बैरिया थाना क्षेत्र स्थित कोइरपट्टी घाट के पास सोमवार की शाम एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई, जहां से एक छोटी सी नाव गंडक नदी में अचानक पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दैनिक खेत-खलिहान का काम करने वाले, चारागाह और भोजनालय ग्रामीण बड़ी संख्या में लौटते थे, इस नाव पर सवार होते थे।
नाव पर करीब 15 से 20 लोग बैठे थे
5 से 6 लोगों की क्षमता वाली नाव पर करीब 15 से 20 लोग बैठे थे, जिससे नाव असंतुलित हो गई और सामने से एक बड़ी नाव से खड़ी होकर पलट गई। हादसे के बाद गंडक की तेज धारा में कई लोग बह गए। स्थानीय लोगों द्वारा स्थापित बचाए में अधिकांश लोगों की पहचान हो गई है, लेकिन दो बच्चे पुना कुमारी (17 वर्ष), पिता धर्म यादव, और नीकर सुगी (8 वर्ष), पिता रमेश कुमार अभी भी लापता हैं। दोनों में फुआ-भतीजी बताए गए हैं, बंगले का रो-रोकर बुरा हाल है।
बिना देरी किये नदी में जंपकर बचाव कार्य शुरू हुआ
दुर्घटना के तुरंत बाद, क्राइस्टचर्च ने बिना देरी किए नदी में जंपकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। हाल ही में कुछ पुलिस बल और स्टाफ़ के जवानों पर भी हमला किया गया और सर्च ऑपरेशन वॉरस्टार पर जारी किया गया। विखंडन अंजेश कुमार ने अवलोकन मीडिया को आधिकारिक पुष्टिकरण भर्ती से नियुक्ति दी है, लेकिन पुलिस के अनुसार हर संभव संसाधन चयनकर्ता की खोज में लगी हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और तानाशाही का माहौल है। रिवायत का कहना है कि घाटों पर नावों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं बार-बार होती रहती हैं।
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लापता लापता की तेजी से तलाश
लोग प्रशासन से अस्थायी राहत, लापता मलबे की तेजी से तलाश, नाव निर्माण पर निगरानी, और घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने की मांग कर रहे हैं। दुर्घटना की सूचना ही सैकड़ों लोग घाट पर जा गिरे। लापता दोनों दस्तावेज़ों के परिवार अब भी नदी किनारे आशा और अवशेषों के बीच हैं। पुना के परिवार की मां की हालत खराब है, जबकि छोटी सुगी की लगातार नदी में देखने-ढूंढने की कोशिश की जा रही है। पुनर्स्थापना का कहना है कि दोनों बच्चों के परिवार और गांव की सबसे चंचल और होनहार बेटियां में थीं।