न्यूज

काव्यकृति पन्नों फटी किताब का हुआ विमोचन

साहित्य सृजन करना है अत्यंत कठिन साधना – डाँ.हरिशंकर दुबे.

(संतोष अग्रवाल की रिपोर्ट)

करेली..किताबें भी बोलती हैं बस उनको सुनने वाला चाहिए ।किताबे वंदनीय होती है। साहित्य सृजन अत्यंत कठिन साधना है। इस सृजन में विरह पीड़ा से गुजरना पड़ता है। शब्द में अर्थ नहीं होता..अर्थ अपने अंतर में होता है जो शब्द बनकर सामने आता है । कृति पन्नों फटी किताब एक संकेत है । लोग 25 पन्ने, 50 पन्ने, 75 पन्ने तक जीवन आयु जीता है, जीवन के जितने भी पन्ने हैं उनमें सामाजिकता विनम्रता सरलता हो यही संदेश पन्नों फटी किताब पुस्तक दे रही है। उक्त उद्गगार जबलपुर के पधारे वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य महामहोउपाध्याय डॉ. हरिशंकर दुबे ने काव्य कृति ‘पन्नों फटी किताब’ के विमोचन व सम्मान समारोह में सारस्वत अतिथि बतौर कहे। कार्यक्रम के पूर्व सर्वप्रथम मां शारदा एवं आचार्य विद्यासागर के तैलीय चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्पापर्चन किया गया। तदुपरांत सरस्वती वंदना प्रदीप श्रीवास्तव, मुकेश ठाकुर एवं ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय की नन्हीं बच्चियों ने की। आयोजन में अतिथि बतौर उपस्थित नगर पालिका अध्यक्ष सुशीला ममार, उपाध्यक्ष अनीता नेमा, दिगंबर जैन समाज संरक्षक राजेंद्र जैन मास्साब, ब्रह्मकुमारी केंद्र की जिला संचालिका कुसुम बहिन जी, करेली संचालिका सरोज बहिन जी, नरसिंहपुर नपा अध्यक्ष नीरज महाराज, वरिष्ठ साहित्यकार बाबूलाल दुबे, माते कालिदास बघेल प्रेम आदि का पुष्पमाला व स्मृति चिन्ह से स्वागत संस्था के अध्यक्ष डॉ. पंकज नेमा, अंशुल नादान, अनंत स्वामी, अब्दुल गफ्फार भारती, अजय नेमा मीत, अखिलेश नेमा, मुकेश रघुवंशी खला, श्रीमती रजनी नेमा, प्रज्ञा लूनावत, रानी ओसवाल ने किया। सभी अतिथियों ने काव्य कृति ‘पन्नों फटी किताब’ का विमोचन कर कृति को आम जनमानस को समर्पित किया। इस मौके पर कृतिकार अमित जैन ‘संजय’ ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज कविता अपने उत्कर्ष की ओर बढ़ रही है जिस तरह समझ में नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है ऐसे में कविता की सार्थकता एवं प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है । काव्य को अगर जीवन मान लिया जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। समाज की कुरीतियों विसंगतियों के साथ – साथ मैने जैसा जीवन जिया, जो पाया, जो खोया उसको अपने शब्दों में लिखकर काव्य रचनाएं लिखी जो आपको समर्पित है। काव्य कृति की समीक्षा करते हुए गाडरवारा के वरिष्ठ साहित्यकार कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि आज पुस्तकें छप रही है, प्रकाशित हो रही हैं। लेकिन पढ़ने वाला व्यक्ति नहीं है। कविता खुशी प्रदान करती है, दुख को हारती है । अमित की उक्त कृति आम जनमानस की पीड़ा को चरितार्थ करती है, उनकी यह कृति पहली कृति है जो मध्य प्रदेश साहित्य एकादमी द्वारा प्रकाशित की गई है, यह गर्व की बात है । कृति की पहली पुस्तक राशि 5100/- मे सुधीर जैन बिल्हेरा वालों ने क्रय की। आयोजन में नेत्रहीन कवि प्रदीप श्रीवास्तव ने जहां अपने गीतों की शानदार प्रस्तुति से समां बांधा तो प्रसिद्ध बांसुरी वादक दीपक राघव ने जहां डाल – डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वो भारत देश मेरा..गीत पर बाँसुरी की सुरीली आवाज से सभी का मन मोह लिया। आयोजन में नगर के वरिष्ठ साहित्यकार बाबूलाल दुबे एवं माते कालिदास बघेल प्रेम का ‘वरिष्ठ साहित्यकार सम्मान’ से सम्मानित किया गया। साहित्यकार माते कालिदास बघेल प्रेम ने अपने उद्बोधन में कृतिकार को बधाइयां देते हुए पुराने संस्मरणों को याद किया एवं काव्य गोष्ठियों के निरंतर क्रम बनाए रखने को लेकर व साहित्य की अविरल गंगा को प्रवाहित किए जाने को लेकर भी संस्था परिवार को शुभकामनाएं दी। वरिष्ठ साहित्यकार बाबूलाल दुबे ने रचनाकार अमित जैन ‘संजय’ को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। नरसिंहपुर नपा अध्यक्ष नीरज महाराज ने कहा कि कविता लिखना बड़ा कठिन काम है एवं जिस पर मां सरस्वती की कृपा हो वही यह कार्य कर सकता है। अनुज अमित को यह सामर्थ मां भगवती ने दिया है, वह कविता के माध्यम से समाज को नई दृष्टि देंगे ऐसी अपेक्षा है। ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केंद्र की जिला संचालिका कुसुम बहिन जी ने भ्राता अमित की कृति के विमोचन अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए जीवन के मानव मूल्यों पर अपना प्रकाश डाला एवं समाज को नई दिशा मिले ऐसी अपेक्षा इस आयोजन के माध्यम से की । करेली नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुशीला ममार ने नगर के बेटे अमित को शुभकामनाएं दी एवं पुस्तक ‘पन्नों फटी किताब’ में शामिल ‘मेरा शहर करेली’ कविता जिसमें सारे नगर का समावेश किया गया है, उसको लेकर अपनी शुभकामनाएं दी। नपा उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता नेमा ने कहा कि कई व्यक्ति लिख नहीं पाते अगर कोई लिखता है तो वह प्रकाशित नहीं कर पाता। यह गौरव का विषय है कि भाई अमित की पुस्तक मध्य प्रदेश सरकार ने प्रकाशित की है, यह सारे नगर के लिए गौरव की बात है। दिगम्बर जैन समाज के संरक्षक राजेंद्र जैन मास्साब ने अमित को ‘जैन काव्य शिरोमणि’ अंकित करते हुए आचार्य विद्यासागर जी महाराज के लिखे महाकाव्य ‘मूक माटी’ के विषय को रखते हुए अपनी बात कही। इस मौके पर सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह से सम्मान संस्था परिवार सहित नगर के वरिष्ठ नागरिक जन विविध संस्थाओं के सदस्यों ने किया। इस मौके पर नगर के प्रबुद्व जनों में सत्यप्रकाश साहनी, रामकिशन रघुवंशी, संतोष तिहैया, लख्मीचंद छेड़ा, प्रकाश पेठिया, संतोष सिंह रघुवंशी, राजेश चौरसिया, नीरज लूनावत, राधेलाल अग्रवाल, सतीश जैन पत्रकार, सीआर कौरव, प्रभात मोदी, सिंघई राजकुमार जैन, राजाराम जैन, महेश जैन मामा, किरीट साँवला, दिनेश यादव, सत्यपाल मक्कड़, एड. राकेश जैन,राजेंद्र शर्मा, गजेंद्र आचार्य, योगेश गुप्ता,भरतलाल नेमा,नंदकिशोर शर्मा,वीरेंद्र जैन,देवेन्द्र जैन,राकेश बड़कुर, आशीष जैन, शैलेन्द्र गुप्ता, अनुज ममार, विवेक खासकलम, अरविंद वर्मा प्राचार्य, दिनेश अग्रवाल, कमलेश सोनी, राजेश सोनी, पंकज गुप्ता, संजय ब्रजपुरिया, फादर वर्गीस, फादर केल्विन, नगर पालिका परिषद के पार्षद हेमंत मेहरा, खालिक कुरैशी, श्रीमती संगीता शर्मा, ज्योति जैन, दीपिका आनंद, वीणा ओसवाल, स्नेहा राजपूत सहित बड़ी संख्या में नगर वासी एवं आसपास के साथीजन साहित्यप्रेमी जन आदि उपस्थित रहे । इस मौके पर कृतिकार अमित जैन ‘संजय’ का सम्मान वाग्दत्ता साहित्य समिति करेली, जिला साहित्य समिति, जिला कवि परिवार नरसिंहपुर, सकल दिगंबर जैन समाज, दिगंबर जैन युवा मंडल, नगरपालिका परिषद, युवक आध्यात्म मंडल, सकल नेमा समाज, वैश्य महासम्मेलन तहसील इकाई करेली, श्री साइँ मंदिर ट्रस्ट परिवार करेली, श्री खाटूश्याम सेवा समिति करेली, ग्रैंन मर्चेंट एसोसिएशन करेली, जिला गुड़ व्यापारी संघ, गांधी भवन ट्रस्ट, जैन क्रांति संघ, श्वेतांबर जैन श्रीसंघ, चावरा विद्यापीठ नरसिंहपुर, कारमेल विद्यालय करेली, चेतना संस्था मध्यप्रदेश, सहित विविध संस्थाओं ने शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह के माध्यम से सम्मानित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन वरिष्ठ साहित्यकार ध्यान सिंह कौरव एवं आभार प्रदर्शन वाग्दत्ता साहित्य समिति अध्यक्ष डॉ. पंकज नेमा ने किया। अंत में सभी ने स्नेहभोज ग्रहण कर अमित को शुभकामनाएं दी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button