राष्ट्रीय मूल्यों के संवर्धन में शिक्षक की भूमिका पर दिल्ली विश्वविद्यालय में होगा आचारशाला का आयोजन

नई दिल्ली, 27 नवंबर 2025 :दिल्ली विश्वविद्यालय में आगामी 02 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय मूल्यों के संवर्धन में शिक्षक की भूमिका विषय पर एक महत्वपूर्ण आचारशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सम्माननीय कुलपति प्रो. योगेश सिंह के मार्गदर्शन और प्रेरणा में, तथा विद्यार्थी कल्याण कार्यालय के तत्वावधान में विश्वविद्यालय के सत्यकाम भवन में आयोजित किया जाएगा। इस आचारशाला में विषय से संबंधित विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें मुख्य रूप से केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़, संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री श्री नरेंद्र कुमार तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के सतत् शिक्षा एवं प्रसार विभाग के अध्यक्ष प्रो. अशुतोष कुमार अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। उनके वक्तव्यों के माध्यम से शिक्षा, समाज और राष्ट्रनिर्माण में शिक्षक की भूमिका, मूल्यों की अनिवार्यता तथा भारतीय सन्दर्भ में शिक्षण की दिशा पर विमर्श किया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह आचारशाला विश्वविद्यालय की उस सतत शैक्षणिक पहल का अंग है, जिसके माध्यम से भारतीय मूल्य-बोध एवं ज्ञान-संपदा को शिक्षण-पद्धतियों एवं अकादमिक विमर्श से सुदृढ़ रूप में संबद्ध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल कैरियर निर्माण अथवा प्रतिस्पर्धात्मक उपलब्धि तक सीमित रखने के स्थान पर उसे चरित्र-निर्माण, उत्तरदायित्व-बोध तथा सांस्कृतिक संस्कारों से संयोजित करना अत्यंत आवश्यक हो गया है, एवं इस दिशा में शिक्षक की भूमिका नितांत निर्णायक तथा केन्द्रीय है। प्रो. त्रिपाठी ने आगे उल्लेख किया कि इस आचारशाला हेतु दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से संबद्ध शिक्षकों, शोधार्थियों के साथ-साथ इसके महाविद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिससे यह विमर्श शिक्षा और समाज के मध्य एक सार्थक वैचारिक सेतु का रूप धारण कर सके। सहभागिता के पश्चात् सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।




