साहित्यिक दोहे
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रोया होगा काल (दोहे)
रोया होगा काल (दोहे) अलीगंज की आग में, छात्र गवाएं प्राण। रोया होगा काल भी, ढीला था परित्राण ।1। ‘अनामिका…
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रिश्वतखोरी हर जगह..
रिश्वतखोरी (दोहे) रिश्वतखोरी हर जगह, इससे बचा न कोय।बिन रिश्वत के आज भी, कोई काम न होय।१। विषधर हैं कुछ…
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