वरिष्ठ साहित्यकार हेमलता मानवी के स्वागत में सजी काव्यधारा, सावन की फुहारों के बीच गूंजा साहित्य का स्वर

मुंबई, अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच के तत्वावधान में सोमवार, 27 जुलाई 2026 को कोपरखैरणे 74 देविका हाउस (नवी मुंबई) में नागपुर से पधारी वरिष्ठ साहित्यकार एवं सुप्रसिद्ध कवयित्री हेमलता मानवी के सम्मान एवं स्वागत में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। दोपहर 2:00 बजे प्रारंभ हुए इस साहित्यिक आयोजन में मुंबई एवं आसपास के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों एवं साहित्य-प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात वरिष्ठ साहित्यकार पवन तिवारी ने हेमलता मानवी जी के व्यक्तित्व एवं साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डालते हुए उनके रचनात्मक जीवन की प्रेरणादायी यात्रा का उल्लेख किया। इसके बाद पल्लवी रानी ने अपनी मधुर स्वर-लहरियों में सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया।
संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल, प्रभावशाली एवं गरिमामय संचालन पवन तिवारी ने किया। उन्होंने सभी कवियों का आत्मीय परिचय देते हुए कार्यक्रम को सहजता और सुंदरता के साथ आगे बढ़ाया।
काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ कवि नंदलाल क्षितिज, त्रिलोचन सिंह अरोड़ा, कौसल किशोर, पल्लवी रानी, अलका पांडेय, मंजू गुप्ता, अश्विन पांडे, पवन तिवारी, हेमलता मानवी तथा विजय मिश्रा ,सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी-अपनी दो-दो उत्कृष्ट रचनाओं का भावपूर्ण पाठ किया। सावन ऋतु, रिमझिम वर्षा, प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, सामाजिक सरोकारों एवं जीवन-दर्शन पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति पर उपस्थित साहित्य-प्रेमियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साहवर्धन किया।
सावन की रिमझिम फुहारों के बीच आयोजित इस काव्य गोष्ठी ने मानो साहित्य की पावन गंगा प्रवाहित कर दी। उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं श्रोताओं ने कविता की इस अविरल धारा में डुबकी लगाकर आत्मिक आनंद का अनुभव किया। कार्यक्रम केवल काव्य-पाठ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक ज्ञानवर्धक साहित्यिक परिचर्चा का भी रूप ले लिया।
गोष्ठी के दौरान साहित्य, संस्कृति एवं पुराणों पर विशेष चर्चा हुई। पवन तिवारी एवं कौसल किशोर ने भारतीय पुराणों, उनसे जुड़े ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों तथा विभिन्न चित्रों एवं प्रसंगों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस विचार-विमर्श ने उपस्थित साहित्यकारों एवं श्रोताओं के ज्ञान में उल्लेखनीय वृद्धि की तथा कार्यक्रम को एक नई बौद्धिक ऊँचाई प्रदान की।
वरिष्ठ साहित्यकार हेमलता मानवी का मंच की ओर से पुष्पगुच्छ एवं सम्मान के साथ हार्दिक स्वागत किया गया। उन्होंने भी अपने उद्बोधन में अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की साहित्य सेवा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यकारों के बीच आत्मीयता, रचनात्मक संवाद और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर जलपान का आयोजन किया गया, जहाँ सभी साहित्यकारों ने आपसी संवाद और साहित्यिक विचारों का आदान-प्रदान किया। अंत में अलका पांडे ने उपस्थित सभी साहित्यकारों, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में उनके अमूल्य सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
संपूर्ण आयोजन सौहार्द, साहित्यिक गरिमा, आत्मीयता एवं ज्ञानवर्धक संवाद का सुंदर संगम सिद्ध हुआ। सावन की सुहानी फुहारों के बीच संपन्न यह काव्य गोष्ठी उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं श्रोताओं के लिए लंबे समय तक स्मरणीय बनी रहेगी।
अलका पाण्डेय मुम्बई
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