अष्टापद तीर्थ की 12 दिवसीय भव्य यात्रा संपन्न

श्री अष्टापद तीर्थ यात्रा- भक्ति उत्साह और आस्था का संगम
अर्हम टूर के तत्वावधान में हुई यात्रा में 80% रही महिलाओं की भागीदारी। हरिद्वार से तिजारा तक किए प्रमुख जैन तीर्थों के दर्शन।
“चलो बुलावा आया है, आदिनाथ ने बुलाया है” के जयघोषों के साथ जैन समाज एवं अर्हम टूर के तत्वावधान में _श्री अष्टापद जी तीर्थ (बद्रीनाथ)_ की 12 दिवसीय भव्य यात्रा हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस यात्रा में 115 श्रद्धालुओं के संघ ने अष्टापद पर्वत पहुंचकर प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के चरणों में नमन एवं भक्ति भाव अर्पित किए।
यात्रा का शुभारंभ 9 मई 2026 को प्रातः 9 बजे णमोकार महामंत्र एवं मंगल आरती के साथ हुआ। यात्रियों ने ललितपुर, सोनागिर जी, गोपाचल पर्वत के दर्शन करते हुए हरिद्वार की ओर प्रस्थान किया। स्लीपर बस में “जय जय आदिनाथ” के नारों और भजनों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
अष्टापद पहुँचकर श्रद्धालुओं ने पर्वत पर स्थित भगवान आदिनाथ की प्रतिमा के दर्शन एवं अभिषेक-पूजन किया। तत्पश्चात संघ ने हस्तिनापुर, अहिक्षेत्र, मसूरी, देहरादून, बड़ागांव, बरनावा, तिजारा जी, सवाई माधोपुर, महावीर जी, जहाजपुर, बिजोलिया, चांदखेड़ी, शुभोदय सहित अनेक सिद्ध क्षेत्रों के दर्शन किए।
बच्चों से लेकर 80 वर्षीय बुजुर्गों तक ने पूरे जोश के साथ यात्रा में भाग लिया। विशेष बात यह रही कि संघ में *80 प्रतिशत महिलाएँ* थीं। देश के विभिन्न स्थानों से पधारे यात्री यात्रा के दौरान एक परिवार की तरह एक-दूसरे का ध्यान रखते नजर आए।
तेंदूखेड़ा निवासी श्रद्धालु ने बताया, _”अष्टापद वह पावन भूमि है जहाँ भगवान आदिनाथ मोक्ष को प्राप्त हुए। यहाँ का कण-कण पवित्र है। दर्शन कर जीवन धन्य हो गया।”_
अर्हमश्री टूर के संयोजक एवं आयोजक मंडल के अध्यक्ष *श्री आशीष जैन* के नेतृत्व में भोजन, आवास, चिकित्सा एवं सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी।
भोपाल निवासी वरिष्ठ यात्री श्रीमती मीना जैन ‘जागृति’ ने कहा, _”इतनी सुंदर व्यवस्था में हमने आज तक कोई यात्रा नहीं की। आयोजकों ने हर सदस्य का परिवार की तरह ध्यान रखा। हम चाहते हैं आगे भी इसी ग्रुप के साथ यात्रा करें।”_
यात्रा के समापन पर सभी यात्रियों ने नम आँखों से एक-दूसरे को गले लगाया एवं आयोजक मंडल का हृदय से आभार व्यक्त किया। यात्रियों में श्रीमती संध्या पिपरिया ,श्रीमती नीलमणि छिंदवाडा श्रीमती अंजू शहढोल ,श्रीमती कीर्ति श्रीमती अनीता ,श्रीमती सीमा श्रीमती हेमलता ईटारसी,श्रीमती सुधा तेंदुखेडा,श्रीमती साधना भिलाई श्रीमती रागिनी गाडरवाडा,श्रीमती सुनीता चिरगांव ,श्रीमती स्नेहलता गढाकोटा श्रीमती मीना महिमा रांझी आदि शामिल थी।




