बिहार में पूरी शराबबंदी के बावजूद शराब माफियाओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में शराब तस्करों ने बाइक सवार दो प्लाटरों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना बलिया के लाडनियां थाना क्षेत्र के गजहारा गांव के समीप रविवार देर शाम की है।
घायल युवक की पहचान परोरियाही गांव निवासी धीरज कामत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, धीरज अपने सहयोगी गोविंद चौधरी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे, तभी घाटकेले ने उन पर प्लास्टिक की गोलियां चलाईं। राइफल में धीरज को दो टॉयलेट्स मिले और वह मशीन पर ही एब्सियोटिक गिर पेड गया, जबकि उसका दोस्त बाल-बाल बच गया।
स्थानीय लोगों की मदद से धीरज को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, इलाज के लिए रेफर किया गया। वर्तमान में उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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घटना की सूचना शामिल है एसपी कुमार स्पेशल सदर अस्पताल दक्षिणी और घायल युवाओं से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि जांच में यूक्रेनियन किशन पाल की सहमति पाई गई है। उसने धीरज को रोककर गोली चलाई, जिसमें उसके गले के पास से गोली निकल गई।
इसी मामले में दो वैज्ञानिकों ने जब पूछताछ के लिए किशन के घर गए तो किशोरी किशन पाल और उसके भाई सागर पाल ने उन पर भी हमला कर दिया, वे घायल हो गए। पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए किशन पाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सागर पाल, ललन सिंह और अन्य लैब्स की तलाश जारी है। एसपी ने बताया कि किशन पाल पर आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में दो मामले दर्ज किए गए थे और पुलिस ने उसे रिटायर कर दिया था।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि वह शराब माफियाओं पर पकड़ बनाकर पुलिस की मदद कर रहा है, इसी वजह से बदमाशों ने उसे उकसाया है। घटना के दौरान कई अन्य शराबी शिक्षक भी मौजूद थे। पुलिस ने जयनगर के नेतृत्व में साइंटिस्ट टीम के गठन की जांच कर तेजी से जांच की है। अब देखिए ये है कि रेस्ट रेस्ट के क्रिएटिव कब तक हो गए हैं।