मोकामा के औटा गांव में एक शादी समारोह में बहुभोज खाने के बाद 200 से ज्यादा लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए। भोजन के कुछ घंटे बाद अचानक लोगों को उल्टी, दस्त और पेट में जलन की शिकायत होने लगी, जिसके बाद लोग काफी संख्या में इलाज के लिए मोकामा रेफरल अस्पताल पहुंच गए। मोकामा के सभी सरकारी और एंटरप्राइजेज होम में अचानक सैकड़ों लोगों के बीमार होने की स्थिति का पता चला।
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सरकारी अस्पताल में भी फूड पॉइजनिंग की दवा और इंजेक्शन की कमी के बाद मेडिकल कैंप लगाकर लोगों का इलाज किया गया। डॉक्टर की टीम भोजन पॉइज़निंग से पीड़ित लोगों का इलाज करती है। अब लोगों की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। खाद्य प्रसंस्करण का असर दो से तीन दिन तक रहने के कारण लोगों को अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है। बुजुर्गों और महिलाओं पर डॉक्टर की टीम की विशेष नजर है। सभी को बुखार के साथ दस्त, लूज मोशन और पेट में मरोड़ और जलन की शिकायत हो रही है। डॉक्टर का कहना है कि खाने में मिठाई में फटा दूध का इस्तेमाल करने से लोगों को फूड पॉइजनिंग की शिकायत होती है। मोकामा ट्रामा सेंटर में 21 मरीजों का हुआ इलाज। वहीं मरांची प्राइमरी हेल्थ सेंटर, मोकामा रेफरल हॉस्पिटल और निजी तौर पर सभी का इलाज चल रहा है।