आजमनगर थाना क्षेत्र के सिकटिया गांव में हत्या का एक बड़ा खुलासा होने की संभावना बनी हुई है। मुख्य राजवंशीय दंडाधिकारी, राष्ट्रपति के आदेश पर रविवार को मृतक मोहम्मद असद के शव को कब्र से बाहर निकाला गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल के गठन के दौरान आजमनगर के दंडाधिकारी के रूप में रेजवान आलम की गिरफ्तारी हुई। शव को नौकरानी के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
मृतक के पिता मोहम्मद मन्नान ने अपने बेटे की मौत पर गंभीर सवाल उठाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने गांव के मुखिया मोहम्मद तालिब, मोहम्मद तहज और मोहम्मद तस्वर पर हत्या का आरोप लगाया। कोर्ट के निर्देश के बाद आजमनगर थाने में मुखिया तालीब समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस प्रशासन और बेहतर सेवाएं
शव निकासी की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मकबरे मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन की स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। मृतक के पिता भी पूरी प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे। रिवाल्वर का कहना है कि असद की मौत की असली वजह सामने आने के बाद किशोर रिपोर्ट आई।
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केस को रफा-दफा करने की बात कही थी
मन्नान ने बताया कि घटना 10 सितंबर को हुई थी और 12 सितंबर 2025 को असद को बिना किसी मेडिकल जांच के सामने ला दिया गया था। उनका आरोप है कि शव विसर्जन के एक दिन बाद पंचायत में डाका डाला गया, जिसमें मामले को फिर से दर्ज करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुखिया तालिब ने लेकर केस को रफा-दफा करने की बात कही थी।
वर्तमान गांव में मामले में तूल पकड़ में आ गया है और सभी संबंधित अध्ययन रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे यह रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।