शुक्रवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। पौराणिक कथाओं में रसोइया का काम कर रही 45 वर्ष की आरती में देवी की एक विलक्षण स्कॉर्पियो की मूर्ति से एक दिन पहले ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद इलाके में राक्षस का राक्षस बन गया। क्षेत्रीय नगर थाना क्षेत्र के पुराने गुरहट्टी निवासी गोविंद जी प्रसाद की पत्नी और अति गरीब परिवार से आश्रम वाली आरती देवी के लिए कई वर्षों से पुलिस अधिकारी और विश्राम के लिए भोजन परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं।
पोरचोर धोते समय अनमोल स्कॉर्पियो ने कुचला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरती देवी भोजन बनाने के बाद लगभग सात बजे पोषाहार ढो रही थी। इसी दौरान एक निजी स्कार्पियो अचानक से गायब हो गई और उसकी जांच के साथ पहले एक गाड़ी में टक्कर मारने के बाद सीधे आरती देवी के ऊपर चढ़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे सफल नहीं हो सके और कलाकार पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हादसे की खबर ही प्लांट और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या में स्टेशनों तक पहुंची।
परिवार में दुकानआर्थिक संकट गहराने की आपदा
क्लासिक्स के उदाहरणों में बताया गया है कि आरती देवी ही घर की एकमात्र कमाऊ सदस्य थी। उनकी मृत्यु के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए सहायता और सहयोग की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी तुरंत जांच में निकल गए।
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चालक गिरफ्तारसिपाहियों पर डिवीज़न कार्रवाई शुरू
सहयोगी सदर रैम कॉल सिंह ने बताया कि स्कार्पियो एल फाइंडिश के तहत जा रही थी और इसमें पुलिस के साथ एक निजी चालक दल का एक कांस्टेबल भी मौजूद था। वाहनों की स्थिति में उतार-चढ़ाव आया, इसकी जांच जारी है। केस में नगर थाने में दुकान दर्ज कराई गई है। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और संबंधित सिपाहियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव को ठिकाने लगाने के लिए सदर अस्पताल भेज दिया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और ग्रामीण रह रहे थे।