
औरंगाबाद: स्थानीय व्यवहार न्यायालय के स्पेशल पोक्सो कोर्ट (POCSO Court) के न्यायाधीश लक्ष्मी कांत मिश्रा ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए नाबालिगों के अपहरण और दुष्कर्म से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है।
स्पेशल पीपी (लोक अभियोजक) शिवलाल मेहता ने बताया कि दोनों मामलों में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने अभियुक्तों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत दोषी पाया है।
मामला 1: ओबरा थाना कांड संख्या – 406/24 (अभियुक्त: राजा कुमार)
दोषी करार: राजा कुमार (निवासी: इस्माइल पुर चिड़िया बिगहा, कोच, गया), जो फिलहाल काराधीन है।
धाराएं: बीएनएस (BNS) की धारा-65(1) और 4(2) पोक्सो एक्ट।
सजा पर सुनवाई: अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए आगामी 13 जुलाई, 2026 की तिथि निर्धारित की है।
घटना का विवरण: अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 19 सितंबर, 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। घटना के दिन नाबालिग पीड़िता रोज की तरह स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। खोजबीन करने पर पता चला कि अभियुक्त राजा कुमार उसे बहला-फुसलाकर लुधियाना ले गया था।
मामला 2: कासमा थाना कांड संख्या – 87/25 (अभियुक्त: गुंजन सिंह)
दोषी करार: गुंजन सिंह (निवासी: बंदेया, औरंगाबाद)।
कार्रवाई: न्यायालय द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद अभियुक्त का बंधपत्र (बेल बॉन्ड) विखंडित कर उसे तुरंत जेल भेज दिया गया है।
धाराएं: बीएनएस (BNS) की धारा-65(1) और 4(2) पोक्सो एक्ट।
सजा पर सुनवाई: इस मामले में सजा की अवधि तय करने के लिए अदालत ने 10 जुलाई, 2026 की तिथि तय की है।
घटना का विवरण: अधिवक्ता ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 28 जून, 2025 को मामला दर्ज कराया था। पीड़िता अल्ट्रासाउंड कराने रफीगंज गई थी, जहाँ से अभियुक्त गुंजन सिंह उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। अगले दिन देवकुंड ले जाकर उसने पीड़िता से जबरन शादी कर ली। पीड़िता ने फोन पर रोते-बिलखते हुए अपने पिता को इस ज्यादती की जानकारी दी थी।




