मैं चंदन हूँ…….

मैं चंदन हूँ…….
मैं चंदन हूँ,
शिव के तृपुण्ड सजा,
लकड़ी का चंदन हूँ,
मस्तक का मुकुट लिए,
सुगंधित सज्य चंदन हूँ ।।
मैं चंदन हूँ,
माथे का तिलक लिए,
स्वयं में रघुनंदन हूँ,
पूजा का वंदन लिए,
जन का अभिनंदन हूँ ।।
मैं चंदन हूँ,
सर्प स्नेह स्पंदन हूँ,
शीतलता चंद्र लिए,
तुलसी के हाथ घिसा,
माधव तिलक चंदन हूँ ।।
मैं चंदन हूँ,
यज्ञ हवन पूजन मे शुद्ध रूप चंदन हूं,
पावन पावित्र वृक्ष जंगल में चंदन हूँ,
राम,कृष्ण,महादेव ललाट शोभे सबका तिलक वंदन हूँ,
शव का श्रृंगार बना चिता पवित्र चंदन हूं !!
मैं चंदन हूँ,
पर्यावरण समर्पण मैं,
प्रदूषण का दर्पण मैं
अर्पण और तर्पण हूँ,
ठंढक हूँ स्वच्छ सदा चंदन हूँ ।।
मैं चंदन हूँ,
दुल्हे का पुण्य तिलक,
अग्नि कुंड झेला हूँ,
जिंदगी का मेला मै,
शीत श्वेत चंदन हूँ, चंदन मै चंदन हूँ ।।
आचार्य संजय सिंह “चंदन ”
धनबाद, झारखंड




