शालिनी साहित्य सृजन संस्था के तत्वावधान में, महत्वपूर्ण काव्य गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न

दिनांक: 21 सितंबर 2025, दिन: रविवार को दृष्टि फाउंडेशन द्वारा संचालित शालिनी साहित्य सृजन के तत्वावधान में हिन्दी पखवाड़े के दृष्टिगत संस्था की संस्थापिका एवम् कवयित्री शालिनी राय के आवास मुंडा, जाफ़रपुर, जनपद आज़मगढ़ पर एक सरस कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय श्री प्रशान्त श्रीवास्तव जी द्वारा की गई। आदरणीय श्री विजयेन्द्र श्रीवास्तव ‘करुण’ जी के संचालन में कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माँ की पूजा-अर्चना, पुष्पांजलि व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात श्री संतोष कुमार पांडेय जी द्वारा सुन्दर व मधुर स्वर में सरस्वती वंदना कर माँ सरस्वती का आह्वान किया गया। अध्यक्ष जी की अनुमति से कवि गोष्ठी का शुभारंभ हुआ, जिसमें सर्वप्रथम युवा कवि संदीप गाँधी ‘निहाल’ ने ग़ज़ल कहकर समां बांध दिया। तत्पश्चात श्री रत्नेश राय जी ने गीत व ग़ज़ल प्रस्तुति से सबको लाजवाब कर दिया। इसके बाद बारी आयी युवा ग़ज़लकार आदित्य आज़मी की जिन्होंने अपनी शानदार ग़ज़ल व शेर सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ कवि सुरेंदर सिंह ‘चांस’ जी ने गीत गाकर सबका दिल जीत लिया। पुनः संतोष कुमार पांडेय जी ने एक और गीत सुनाकर सबका ध्यान आकृष्ट किया। तत्पश्चात जनपद की वरिष्ठ कवयित्री डॉ० इंदु श्रीवास्तव जी, जो ग्रामीण अंचल व जमीन से जुड़ी मुक्तक रचनाएं लिखती हैं, इन्होंने एक ऐसा ही मुक्तक रचना सुनाकर विषय परिवर्तन किया। वरिष्ठ कवि रुद्र कवि लेखक ने लगातार कई गीत सुनाकर माहौल को सरस कर दिया। जनपद की प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ प्रतिभा सिंह ने ‘नारी की यात्रा’ पर भावपूर्ण व मार्मिक रचना सुनाकर नारी विमर्श पर चिंतन करने हेतु सबको विवश कर दिया। तत्पश्चात प्रेम व श्रृंगार के कवि श्री राकेश पांडेय ‘सागर’ जी ने प्रेम गीत सुनाकर विषय परिवर्तन किया। संगीतकार व गीतकार श्री कौशल कुमार राय जी ने अपनी सुन्दर प्रस्तुति से गोष्ठी को एक अलग दिशा देने का प्रयास किया। तत्पश्चात संस्था की सचिव व कार्यक्रम की आयोजिका श्रीमती शालिनी राय ‘डिम्पल’ जी ने हिन्दी विषय पर एक समसामयिक रचना सुनाकर पुनः विषय परिवर्तन किया। फिर बारी आयी जनपद के वरिष्ठ कवि व कार्यक्रम के संचालक आदरणीय श्री विजयेन्द्र श्रीवास्तव ‘करुण’ की, जिन्होंने अपनी सुन्दर व शानदार प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। कवयित्री श्रीमती बृजबाला जी ने देवी गीत सुनाकर पुनः विषय परिवर्तन किया। तत्पश्चात आराध्या राय पुत्री शालिनी राय ‘डिम्पल’ द्वारा जनपद की वरिष्ठ कवयित्री आशा सिंह की प्रसिद्ध ग़ज़ल की सुन्दर प्रस्तुति दी गई। जनपद के वरिष्ठ कवि व पत्रकार आदरणीय श्री संजय कुमार पांडेय जी ने कई मुक्तक व शेर सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। तत्पश्चात वरिष्ठ कवि आदरणीय श्री जन्मेजय पाठक जी का संक्षिप्त उद्बोधन व हिन्दी विभागाध्यक्ष आदरणीय श्री प्रवेश कुमार सिंह जी का हिन्दी विषय पर शानदार उद्बोधन कार्यक्रम को शीर्ष पर ले गया। कार्यक्रम अब समापन की ओर था और बारी थी अध्यक्षीय उद्बोधन की जिसे सेवानिवृत्त हिंदी प्रवक्ता आदरणीय श्री प्रशांत श्रीवास्तव जी ने एक वृहत विचार गोष्ठी में रूपांतरित कर इस आयोजन को सफल व सुन्दर बनाकर समापन की उद्घोषणा की। अंततः कार्यक्रम की आयोजिका कवयित्री शालिनी राय ‘डिम्पल’ ने कार्यक्रम की सुन्दर सफलता हेतु सभी आमंत्रित साहित्यकारों को धन्यवाद ज्ञापित कर सहृदय सबको हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ दी।




