राज्य में औद्योगिक उद्यमों और कंपनियों की बिजली से संबंधित प्रतिस्पर्धी और प्रभावी समाधान के लिए बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब हर गुरुवार को दोपहर 3 बजे से शाम 4 बजे के बीच विद्युत भवन, पटना के सभा कक्ष में एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें औद्योगिक उपभोक्ता और उद्यमियों की कंपनी सीधे अपनी कमाई जमा स्टेट पावर होल्डिंग लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के साथ मिलकर काम करती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति में होगा समाधान
इस बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव सह सीएमडी, बिहार स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र कुमार एवं नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी शामिल हुए, ताकि कंपनियों के समाधान में तेजी लाई जा सके।
ऊर्जा सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि औद्योगिक उपभोक्ता और निवेशक राज्य के आर्थिक विकास के प्रमुख हैं। विद्युत आपूर्ति, बिलिंग, कनेक्शन और अन्य तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह खबर भी पढ़ें- बिहार विधान सभा: स्पीकर बोले- पक्ष-विपक्ष दोनों मेरे लिए महत्वपूर्ण, बिहार की प्रगति ही मेरा उद्देश्य
सुविधा ऐप’ से भी मिल रही तेज मदद
बिजली विभाग सुविधा ऐप के माध्यम से भी औद्योगिक उद्यमों पर तेजी से कार्रवाई हो रही है। विभाग के स्नातक के, सिक्योरिटीज राशि चक्र, प्राक्कलन राशि और पर्यवेक्षक आदि शुल्क से संबंधित दस्तावेज़ आवेदन बैठक के सात दिनों के अंत में जारी होने का प्रस्ताव है। अधिकारियों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र की बिजली के मुद्दों को हल करने के लिए औद्योगिक उपकरणों और ‘सुविधा ऐप’ के संयुक्त प्रयास से औद्योगिक स्तर पर लगातार तेजी से बढ़ोतरी होगी, जिससे निवेश का अनूठा माहौल बनेगा।
यह खबर भी पढ़ें-बिहार विधानसभा: नौ बार के विधायक प्रेम कुमार बने विधानसभा अध्यक्ष, बीजेपी के इस दिग्गज के बारे में जानें
ऊर्जा सचिव ने इलेक्ट्रॉनिक्स बिजली आपूर्ति और राजस्व पर जोर दिया
इलेक्ट्रिकल भवन में मंगलवार को बीएसपीसीएल के ऊर्जा सचिव सह सीएमडी मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बीएसपीसीएल और उनकी सहायक कंपनी के विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ऊर्जा सचिव ने सभी इकाइयों को कंज्यूमर टैगिंग को तेजी से पूरा करने और कोयले की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि विधायी सुधार कार्य समय पर पूरा हो ताकि बिजली के झटके न हों। सचिव ऊर्जा ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्य निष्पादन और उपभोक्ता-हित लक्ष्य व्यवस्था सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया।
जानिए क्या हैं प्रमुख निर्देशक
- बिलिंग मेकर्स का 7 दिन का इनसाइड हो।
- राजस्व में रैस्टॉइल रिकार्ड निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाये।
- सभी वास्तुशिल्पियों को नया बिजली कनेक्शन तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
- स्मार्ट मीटर स्थापना में विलंब करने वाली तस्वीर पर सख्त कार्रवाई की जाये।
- बिजली बिल जमा नहीं होने वाले निजीकरण के खिलाफ नोटिस जारी किया जाए।
- साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाए और विभिन्न स्थानों में अनधिकृत डिजिटल टूल का उपयोग किया जाए।