दानिका के संस्थापक यमुना राम जी की तीसरी पुण्यतिथि पर कवि सम्मेलन

औरंगाबाद 31/5/25, जिला मुख्यालय औरंगाबाद के दानी विगहा के समीप दानिका संगीत महाविद्यालय के प्रांगण में दानिका के संस्थापक पूर्व अध्यक्ष यमुना राम जी की तीसरी पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व हेड मास्टर विगन बैठा, रंगमंच के सिद्धहस्त कलाकार मथुरा रंजन,दानिका के डायरेक्टर डॉ रविंद्र कुमार केंद्राधीक्षक शशि देवी, समाजसेवी दिनेश राम,राजू सिंहा, शिक्षक अरविंद कुमार, डॉ अरविंद कुमार, पत्रकार सूरज पांडेय सहित अन्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उपस्थित सभी लोगों ने यमुना राम जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया तत्पश्चात उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि यमुना राम जी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के कलाकार के रूप में जाने जाते थे।नृत्य वाद्य एवं संगीत जैसी विधाओं में उन्हें महारत हासिल थी। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे। शिक्षा के प्रति उनकी गहरी अभिरुचि थी तभी तो उनके चारों पुत्र सार्वजनिक क्षेत्र के अच्छे पदों पर आसीन हैं।कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।कवि सम्मेलन की अध्यक्षता जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री धनंजय जयपुरी द्वारा किया गया जबकि संचालन की जिम्मेवारी सचिव विनय मामूली बुद्धि ने निभाई।कवि एवं लेखक सुरेश विद्यार्थी द्वारा सरस्वती वंदना विद्या के देवी माई हंस की सवारी कवि सम्मेलन की शुरुआत की गई।नागेंद्र केसरी ने सुनाऊं रात का किस्सा पाठ किया तो जनार्दन मिश्र जलज ने दिन अब बड़े हुए रात अब छोटी हुई शीर्षक कविता पाठ किया तो अनुज बेचैन द्वारा जब मां ने सिंदूर लगाया था पिता को हर्षाया था काव्य पाठ किया।मथुरा रंजन ने घर में एगो दाना नईखे पॉकेट में सैयां मोबाइल लेके मेला घुमे पाठ किया।विनय मामूली बुद्धि ने एक बार खोजिए तो आज आप कहां हैं के काव्य पाठ पर खूब तालियां बजी।धनंजय जयपुरी द्वारा बाबूजी देख ताक के हमर करा दा शादी पाठ किया तो लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ रविंद्र कुमार ने दानिका के विविध कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह संस्था जरूरतमंद लोगों के लिए हमेशा खड़ी रहती है यहां से सैकड़ो विद्यार्थी संगीत की शिक्षा पाकर नौकरी कर रहे हैं।मौके पर प्रेम प्रकाश, मिथिलेश कुमार, वेद प्रकाश ,सविता सिंहा,शिवांगी सिंह,अंजली सिंह,किशन प्रवाल सहित अन्य उपस्थित थे।




