भीमराव अम्बेडकर जी के जयंती के पूर्व सन्ध्या पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर आनलाइन कवि गोष्ठी आयोजित
संकीर्तन समोत्थान समिति छतरपुर मध्य प्रदेश व साहित्य मंजूषा चंदौली व नव जागृति युवा मंच पूर्वांचल वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान मे आज दिनांक 13-4-2026को समय शायं 7बजे बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी के जयंती के पूर्व सन्ध्या पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर आनलाइन कवि गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम के अध्यक्ष आदरणीय सर्वजीत सिंह जी मुख्य अतिथि आदरणीय के एल सोनी विनोदी जी संयोजक आदरणीय बृजमोहन पाल केशव जी के निर्देशन मे व रामबहाल सिंह बहाल कवि वाराणसी के कुशल संचालन मे शामिल पटल पर प्रबुद्ध हिंदी साहित्य के साहित्यकारो द्वारा काव्यगीत प्रस्तुतिकरण के क्रम मे मां शारदे बंदन मुनक्का मौर्या मृदुल चंदौली से शुभारंभ हुआ। आदरणीय निशिकांत पाठक जी द्वारा, गीत, सबके मां के आंचल मे,, मीना सिंह (इन्द्र कला)द्वारा,व्याप्त समाज मे कुप्रथा करते निज काम तमाम। भागीरथ चौधरी हरिद्वार द्वारा,महा पुरूष को पढते पढते आ जाते है आंसू।शशि जायसवाल प्रयागराज द्वारा, संविधान हूं बोल रहा हूं। अन्तर्मन को खोल रहा हूं।। इन्दु मिश्रा जी द्वारा, सिद्धांतो से समझौता नही किया, महू से जन्म लिया। मुनक्का मौर्या द्वारा, तीर नही बस कलम चलाई। विनोद पाण्डेय जी द्वारा बाते करेगे कम, काम करेगे ज्यादा। बृजमोहन पाल केशव जी द्वारा,बाबा साहेब संविधान बनाने चले है। डा, ममता सूद कुरूक्षेत्र से,,मार्ग दर्शक बन समाज को चेताया। संचालक रामबहाल सिंह बहाल कवि वाराणसी द्वारा,, चौदह अप्रैल जयंती सुहाता। याद संविधान आता। । विधि वेत्ता और समाज सुधारक। बौद्ध आन्दोलन के प्रबुद्ध प्रेरक।। बहुज्ञ “बहाल कवि “बन के विधाता। याद संविधान आता। । काव्यगीत प्रस्तुतिकरण किया गया। अंत मे मुख्य अतिथि द्वारा जोरदार ढंग से प्रस्तुत किए गए काव्यगीत की सराहना करते हुए अपनी कविता पाठ के साथ सादर सधन्यवाद ज्ञापन करते हुए कवि गोष्ठी का समापन किया गया।



