देव में कालीजी की स्थापना दिवस पर 06 जून को होगा अखंड कीर्तन, लगेंगे छप्पन भोग

देव के रानी तालाब में मना गंगा दशहरा
गंगा आरती कर प्रसाद का हुआ वितरण
देव धाम, में अवस्थीत ऐतिहासिक रानी तालाब में माँ गंगा के प्रति समस्त देववासी नें आस्था प्रकट कर गंगा दशहरा के दिन गंगा आरती कर सूर्य नगरी देव को भक्तिमय कर दियें l रानी तालाब और मंदिर को दीपो से सजा दिया गया l इस मंदिर में अवस्थीत भोलेनाथ, कालीजी, भैरव बाबा, कार्तिकेय, माँ दुर्गा एवं अन्य देवताओं का भी सामूहिक महाआरती किया गया l पंडित दिनेश दुबे जी काली स्थान शिवालय समिति के सदस्यों को एकत्रित कर परिसर स्वच्छ रखने के साथ जल संरक्षण करने का सन्देश दियें l उन्होंने सभी श्रद्धांलुओं क़ो गंगा दशहरा का महत्व के बारे में बतायें की गंगा दशहरा मुख्य रूप से माँ गंगा के स्वर्ग से धरती पर अवतरण की खुशी और उनकी महिमा के सम्मान में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन माँ गंगा राजा भागीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर पृथ्वी पर प्रकट हुई थीं ताकि उनके पूर्वजों की आत्माओं को मोक्ष मिल सके l इस दिन गंगा स्नान, दान, तर्पण और दीपदान करने का बहुत बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है l समिति के सदस्यों आरती के उपरांत एक अहम् बैठक कर मंदिर के विकास पर चर्चा करते हुए देव वासी को बतायें की मंदिर में पूजन सामग्री एवं प्रसाद का वर्तन सह सजावट सामग्री को रखने के लिए एक स्टोर रूम बनाया जा रहा है l जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए बोला गया की तत्कालीन जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री सूर्य महोत्सव स्थल पर अवस्थीत इस ऐतिहासिक रानी तालाब के विकास के लिए एक करोड़ पचीस लाख राशि स्वीकृति प्रदान करने की बात कही थी लेकिन अभी तक इस मंदिर का विकास के लिए एक रुपया भी नहीं आया l आगामी कार्यक्रम इस मंदिर परिसर में बीते वर्ष माँ काली जी की स्थापना की गयी थी l दिनांक 06/06/26 क़ो माता की स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में अखंड कीर्तन का आयोजन कर छप्पन भोग वितरण करने का योजना बनाया गया l आज की गंगा दशहरा दीपोत्सव में काली स्थान शिवालय समिति के अध्यक्ष दीपक धनराज, सचिव राहुल सिंह, संरक्षक दीपक गुप्ता, पुजारी दिनेश दुबे, पंडित पवन पाण्डेय जी, शिवम् गुप्ता, जीतेन्द्र सिंह, मनीष कुमार, नन्हक प्रजापत,छोटू कुमार, चन्दन कुमार नें आयोजन में सक्रिय भूमिका निभायें l समिति के सदस्यों नें कहा की देव में अगले वर्ष गंगा दशहरा का महापर्व काशी विश्वनाथ के तर्ज पर आयोजन किया जायेगा l



