प्रखर राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

( ६ जुलाई को १२५ वीं जयंती पर )
” प्रखर राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी”
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प्रखर राष्ट्रवादी शिल्पी,हिंदुत्व सनातनी मति,
विश्वविद्यालय के कुलपति,जनसंघ के सेनापति,
अद्भुत डॉ श्यामा प्र. मुखर्जी,देवी सुधा के पति,
देश,समाज मूल्यों की राजनीति कर पाये सद्गति !!
माँ जोगमाया देवी, पिता आशुतोष,
श्यामा को मुस्लिम लीग से असंतोष,
विरोध में हिंदू महासभा का जयघोष,
बंगाल वित्तमंत्री बन सरकार से रोष !
डॉ मुखर्जी का त्याग,तपस्या एवं समर्पण,
एक राष्ट्र,निशान,विधान को जीवन अर्पण,
महिला शिक्षा,संस्कृति,हिंदुत्व चिंतन थे दर्पण,
शिक्षाविद् ,देशभक्त डॉ श्यामा का करें तर्पण !!
काश्मीर से काटो धारा 370 आपके ” सत्य दर्पण “,
एक राष्ट्र,एक निशान,एक विधान सत्ता को दर्पण,
आपकी प्रेरणा से मिला काश्मीर को “उपहार अर्पण “,
आपके चिंतन मे देश ,समाज को ” समाज दर्पण ” !!
आपकी प्रेरणा व दर्शन मे झलकता “आदर्श दर्पण “,
शिक्षाविद् हो आपने समर्पित किया” ज्ञान दर्पण “
काश्मीर की खातिर याद रखेगा देश ” बलि अर्पण ” ,
आपके आदर्शों पर खड़ा देश करे “श्रद्धांजलि अर्पण” !!
भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री को नमन,
सिंदरी फर्टिलाइजर से जगमग हुआ देश का चमन,
चितरंजन लोकोमोटिव कारखाना से बढ़ा रोजी अमन,
हिंदुस्तान फर्टिलाइजर बना देश की खेती का यतन !!
विलक्षण प्रतिभा डॉ श्यामा 33 आयु मे युवा कुलपति,
कलकत्ता विश्वविद्यालय में पिता भी रहे पूर्व कुलपति,
विश्वविद्यालय से अंग्रेजी प्रतीक हटे लिखे श्री /श्रीमती,
डॉ. मुखर्जी की विद्वता के कायल थे डॉ. राजेंद्र राष्ट्रपति !!
डॉ. श्यामा के शिष्य थे अटल बिहारी वाजपेयी,
कश्मीर अटल,आडवाणी,डॉ.जोशी की अंगड़ाई,
370 धारा,हिंदू पलायन व अत्याचार पर हुई लड़ाई,
सफल हुए आंदोलन,पाये सत्ता ,पलटे 370 भाजपाई !
महान विचारक, प्रबुद्ध चिंतक का दर्शन ही अगुआई,
जनसंघ से भाजपा तक जन जन मे जगी तरुणाई,
वर्षों में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनो की अंगड़ाई
महान राष्ट्रभक्त को “भारत रत्न” की कब भरपाई ?
आचार्य संजय सिंह ‘ चंदन ‘
धनबाद, झारखंड



