
सूर्य नगरी देव के सहदेव चौधरी पुस्तकालय मे देव महोत्सव के संस्थापक सच्चिदानंद सिंह जी का पुण्यतिथि समारोह का आयोजन किया गया l सर्वप्रथम उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पण कर जनेश्वर विकास केंद्र के सदस्यगण श्रद्धांजलि अर्पण किए तत्पश्चात वक्ताओं मे समाजसेवी इक़बाल एहमद एवं डॉ महेन्द्र हार्ड जी ने उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहें की सच्चिदानंद जी देव अवस्थीत सूर्य मंदिर की भगवान भाष्कर की महिमा देश दुनिया तक पहुँचाने के उद्देश्य से देव महोत्सव का आयोजन करते थे l देव महोत्सव की शुरुवात सन्न 1992 मे राज दरबार के समीप किंकर नाट्य कला मंच से हुयी थी l बड़े उत्साह के साथ सभी ग्रामवासी एकतरित होकर इसको बेहतरीन सांस्कृतिक रूप दिए थे l धीरे धीरे देव महोत्सव का सरकारीकरण कर अचलासप्तमी मे सूर्य महोत्सव का बृहत रूप ले लिया और आज नामचीन कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम संग देव धाम का नाम विदेशों तक पहुँच गया l देव महोत्सव का आयोजन का उद्देश्य जिले का नाम देव करना था l दीपक गुप्ता एवं उपेंद्र यादव जी ने बताया की पहले पातालगंगा और देव सूर्य मंदिर एक हीं कमिटी के द्वारा संचालित होता था l इसलिए सभी ने सुझाव दिया की दोनों धाम को एक हीं नगर पंचायत मे लाकर इस धार्मिक स्थल को कोरिडोर के रूप मे विकसित किया जाये l देव सूर्य मंदिर के महानतम को बारीकी से पौराणिक इतिहास जानने के लिए रिसर्च सेंटर का गठन किया जाना चाहिए l देव धाम के नाम से पर्यटन ट्रेनों का नामकरण भी होना चाहिए l बलिराम सिंह एवं रत्नेश सिंह जी ने कहा की आज महोत्सव के चलते हीं देव मे रिंग रोड, स्टेडियम बन रहा है और मेडिकल कॉलेज भी जल्द बनकर रहेगा l आज की समारोह मे इक़बाल एहमद, बिनय सिंह, जनेश्वर यादव, धनंजय सिंह, रत्नेश सिंह, दीपक गुप्ता, उपेंद्र यादव, महेंद्र हार्ड, बलिराम सिंह, निखिल कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित थे l




