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नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान की नई कार्यकारिणी की घोषणा, कृष्ण कांत मिश्र अध्यक्ष मनोनीत 

साहित्यिक गतिविधियों की अनवरत यात्रा के साथ वर्ष 4 नवंबर’ 2025 को पूरे करने के साथ नव आयाम के उद्देश्य से नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्य मंच का नाम परिवर्तन करते हुए ‘नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान’ किए जाने की घोषणा संस्थापक अध्यक्ष डा. ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुब्रत’ ने 8 नवंबर को फेसबुक लाइव के माध्यम से मुखातिब होकर की, साथ ही उन्होंने कार्यकारी अध्यक्ष डा. कृष्ण कांत मिश्र को संस्थान के नये अध्यक्ष के रुप में मनोनीत करते हुए उन्हें कार्यकारिणी गठन का निर्देश दिया और अपनी शुभकामनाएं प्रदान किया।

नव मनोनीत अध्यक्ष डा. मिश्र ने तत्काल अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने और संस्थापक के निर्देशों के अनुपालन में तत्काल फेसबुक लाइव द्वारा अपनी 21 सदस्यीय कार्यकारिणी की घोषणा की। जो इस प्रकार है –

संरक्षक-डॉ वाई एस पाण्डेय (‘प्रकाश’), संस्थापक अध्यक्ष-डॉ ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत, सहसंस्थापक सहअध्यक्ष-डॉ अवनीश मिश्र ‘निर्झर’, अध्यक्ष – डॉ कृष्ण कान्त मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष-डॉ पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’, सहअध्यक्ष-डॉ लवकुश तिवारी माधवपुरी, उपाध्यक्ष एवं न्यायिक परामर्शदाता-डॉ राजीव रंजन मिश्र जी, मुख्य अधीक्षक डॉ-जे एन भारती ‘बैरागी’, महापंचपरमेश्वरी/साहित्यिक परामर्श दात्री- डॉ. स्वर्ण लता सोन ‘कोकिला’, प्रमाणन अधीक्षिका-डॉ प्रीती द्विवेदी, प्रमाणन अधिकारी-रंजना बिनानी ‘काव्या’, प्रवर्तन अधीक्षिका-आ. शशिकला नायक, महासचिव-संजीव कुमार भटनागर, अलंकरण अधीक्षिका- अमिता गुप्ता, पंचपरमेश्वरी- आ. रूपामाला, मीडिया महा अधीक्षक – डॉ सुधीर श्रीवास्तव, सचिव-आ. अशोक दोशी, साहित्यिक परामर्शदाता- डॉ रवीन्द्र वर्मा, योजना सचिव एवं अलंकरण अधिकारी –एकता गुप्ता,पंचपरमेश्वर -आ. सुनील कुमार समीक्षा अधीक्षक सुरेश चंद्र जोशी।

सभी मनोनीत पदाधिकारियों को बधाइयां शुभकामनाएं देते हुए डा. मिश्र ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पदाधिकारी अपना सर्वश्रेष्ठ देने के साथ संस्थान को नव आयाम की ओर ले जाने का निरंतर सहयोग/ प्रयास करेंगे।

सभी मनोनीत पदाधिकारियों ने संस्थान और सभी पदाधिकारियों का आभार धन्यवाद करते अध्यक्ष को आश्वस्त किया हम सभी अपने श्रेष्ठ योगदान से संस्थान की नव पहचान सुनिश्चित करेंगे।

संरक्षक-डॉ वाई एस पाण्डेय (‘प्रकाश’) ने जिम्मेदारी सहर्ष स्वीकार करते हुए सभी को बधाइयां शुभकामनाएं आशीर्वाद प्रदान किया।

संस्थान से जुड़े सम्मानित साहित्यिक मनीषियों विद्वानों ने संस्थान और पदाधिकारियों को बधाइयां शुभकामनाएं देकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान नित ऊंचाइयों ओर अग्रसर होता रहेगा।

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