दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
औरंगाबाद 13/2/26, समावेशी शिक्षा के सपनों को धरातल पर उतारने और दिव्यांग बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के उद्देश्य से औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित दो दिवसीय ‘गैर-आवासीय प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।दिव्यांगता के कारणों और बचाव पर चर्चा,शिविर के दौरान मास्टर ट्रेनर लाल बहादुर ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए दिव्यांगता के वैज्ञानिक कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि समाज में जागरूकता के अभाव के कारण कई बार बच्चे दिव्यांगता का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रसव पूर्व गर्भवती महिला का उचित टीकाकरण और पोषण अनिवार्य है।प्रसव के दौरान सुरक्षित और संस्थागत प्रसव से खतरों को कम किया जा सकता है।प्रसव के बाद: शिशुओं की नियमित स्वास्थ्य जाँच और समय पर चिकित्सा सलाह से दिव्यांगता को रोका या कम किया जा सकता है।सरकारी योजनाओं और भत्तों की जानकारी प्रशिक्षक दीपक वर्मा ने शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें,क्योंकि सरकार उन्हें कई वित्तीय सुविधाएं प्रदान कर रही है, जैसे-एस्कॉर्ट और ट्रांसपोर्ट अलाउंस स्कूल आने-जाने की सुविधा के लिए।रीडर भत्ता दृष्टिबाधित बच्चों की मदद हेतु।स्टाइपेंड फॉर गर्ल्स दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय सहायता।इस शिविर में देव प्रखंड के विभिन्न गाँवों से आए 40 अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जहाँ अभिभावकों की शंकाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति रहीं।प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में लेखापाल अमित कुमार, डाटा एंट्री ऑपरेटर सुजीत कुमार, नीरज सिंह, दीपक शर्मा, रणविजय चौधरी और रंजय सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही माया देवी, रीना देवी, सरिता देवी, शैलेश सिंह और प्रमोद राम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।




