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डा. निधी बोथरा जैन को ‘प्रेरणा राजभाषा गौरव सम्मान’ 

इस्लामपुर (प. बं.) :: हिंदी दिवस/पखवारा के उपलक्ष्य में प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा द्वारा भव्य हिन्दी राष्ट्रभाषा गौरव सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य हिन्दी को राजभाषा से राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने की दिशा में देशव्यापी जागरूकता फैलाना था।

इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के विभिन्न प्रदेशों से आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों, पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने के संकल्प में अपना समर्थन व्यक्त किया।

सम्मेलन के दौरान प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और साहित्यिक योगदान के लिए सशक्त युवा कवयित्री/जैन धर्मावलंबी ) आराधिका साहित्यिक मंच की संस्थापिका / अध्यक्षा एवं अणुव्रत समिति इस्लामपुर की अध्यक्षा डा. निधी बोथरा जैन (इस्लामपुर, प. बं.) को ‘प्रेरणा राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान 2025’, स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान साहित्यिक एवं भाषाई योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष पहचान प्रदान करता है।

डॉ निधि बोथरा जैन को सम्मानित किए जाने पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यिक मनीषियो प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’, सीमा शर्मा ‘मंजरी’ मेघा अग्रवाल, नागपुर, डॉ शिवनाथ सिंह ‘शिव’, अनिल राही, , डॉ. ओम प्रकाश द्विवेदी, मेघा अग्रवाल, ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, डा. शशिकला अवस्थी, डा. ज्योति कृष्ण, शशिकला श्रीवास्तव, आलोक कुमार यादव, ममता जैन कंछारा आदि सैकड़ों साहित्यिक मनीषियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाइयां शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है। सम्मान समारोह के इसी क्रम में आराधिका साहित्यिक मंच ( पंजी०) द्वारा सम्मान को सम्मानित करने की परम्परा का निर्वाह करते हुए हिन्दी प्रचारिणी सभा के संस्थापक संगम त्रिपाठी एवं आयोजक प्रदीप मिश्र अजनबी को सम्मानित किया गया।

आराधिका साहित्यिक मंच महासचिव सुधीर श्रीवास्तव, सलाहकार डा. अनीता बाजपेयी सहित आराधिका परिवार एवं विमला ज्ञान साहित्य मंच की संस्थापिका अंजू श्रीवास्तव ने डा. निधी को बधाइयां शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप दोनों का सम्मान मंच को गौरवान्वित करने वाला है। प्रेरणा परिवार द्वारा हिंदी के लिए लगातार किए जाने वाला निस्वार्थ समर्पित प्रयास मील का पत्थर साबित होगा ।

समीचीन है कि उक्त सम्मेलन ने हिन्दी की वैश्विक पहचान और राष्ट्रभाषा के रूप में उसकी प्रतिष्ठा को मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया।

डा. निधी ने सभी का आभार धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आराधिका साहित्यिक मंच काव्य गोष्ठी, विशेष दिवस लेखन और साझा संकलनों के प्रकाशन की श्रृंखला को लगातार जारी रखने का प्रयास करता रहेगा।

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